संवाद न्यूज एजेंसी
बहादुरगढ़। दो दिनों की राहत के बाद प्रदूषण ने फिर से सांसों पर अटैक करना शुरू कर दिया है। रविवार को एक्यूआई 231 पर दर्ज किया गया था। इसमें सोमवार को 139 अंकों की बढ़ोतरी हो गई और यह 370 पर पहुंच गया। यह हवा सांस लेने लायक नहीं है। पिछले दो दिनों से तेज हवा चल रही थी। जोकि सोमवार को मंद पड़ गई और एक्यूआई एकाएक बढ़ गया। सुबह के समय स्मॉग भी पूरी तरह छाया रहा। लोगों को आवागमन करने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। दिन भर सूर्य देव भी आसमान में हल्के ही चमके।
पूर्वानुमान के अनुसार, प्रदूषण अगले एक-दो दिन में कम होने की संभावना नहीं है। हवा की धीमी रफ्तार, हवा में अधिक नमी और घटते तापमान की वजह से इस समय प्रदूषण बढ़ रहा है। सोमवार को शाम 4 बजकर 5 मिनट पर एक्यूआई 370 पहुंचा। सुबह के समय 10 बजकर 5 मिनट पर 352 पर रहा। यह बेहद खतरनाक है।
ऐसे में मौसम में चिकित्सकों ने लोगों से कई तरह की सावधानियां बरतने की सलाह दी है। मौसम विभाग के अनुसार इस समय हवा की गति महज 4 से 6 किलोमीटर प्रति घंटे की है। दो दिन से यह हवा 8 से 14 किलोमीटर की गति से चल रही थी। स्मॉग छाने के बाद लोग जुकाम, कफ के साथ जल्दी थकावट, तनाव, चिड़चिड़ापन, अनिद्रा, सांस लेने में परेशानी, गले में खरास, बदन दर्द, सिर दर्द, आंखों में लाली या पीलापन, आंखों व चेहरे पर सूजन महसूस कर रहे हैं। ब्रह्मशक्ति संजीवनी अस्पताल (उजाला सिग्नस) के निदेशक डॉ. मनीष शर्मा ने आमजन से इस बढ़ते प्रदूषण की वजह से बचकर रहने की सलाह दी है।
क्या बरतें सावधानी
यदि बीमार हैं तो बाहरी गतिविधियां बंद कर दें, घर में ही चहलकदमी करें। यदि अस्थमा है तो हर समय अपनी दवाओं को अपने पास रखें। सुबह व शाम के समय बाहरी गतिविधियां बंद कर दें। लंबे समय तक बाहर रहने से बचें। जॉगिंग की बजाय शॉर्ट वॉक अपनाएं, बीच में ब्रेक लें। यदि सीने में जकड़न, कफ, वीजिंग, सांस में तकलीफ या बेहोशी महसूस हो रही है तो एक्टिविटी पूरी तरह बंद कर दें और चिकित्सक को दिखाएं। यदि घर में खिड़कियां हैं तो उसे बंद रखें। एसी में फ्रेश एयर इंटेक ऑप्शन है तो उसे बंद रखें। अगरबत्ती, मोमबत्ती और धूप आदि न जलाएं। घर को साफ रखें, झाड़ू के बजाय पोंछा लगाएं, झाड़ू से धूल अधिक उड़ेगी।