झज्जर। हरियाणा सरकार ने झज्जर को पुलिस कमिश्नरेट में शामिल करने का फैसला किया है। सरकार के इस फैसले से झज्जर में न सिर्फ सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता होगी, बल्कि पुलिसकर्मियों की संख्या में भी इजाफा होगा।
दरअसल, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र का हिस्सा होने और लगातार बढ़ते शहरीकरण व औद्योगीकरण के चलते झज्जर को सरकार ने पुलिस कमिश्नरी बनाने का निर्णय लिया है। इससे अपराध पर अंकुश लगाने के लिए अब पुलिस के पास ज्यादा संख्या बल व संसाधन होंगे। फिलहाल इसे कब से लागू किया जाएगा, इसकी घोषणा नहीं हुई है। लेकिन, पुलिस कमिश्नरी बनाने की घोषणा के बाद यहां भविष्य में आईजी रैंक के अधिकारी को पुलिस कमिश्नर बनाया जाएगा। इसके अलावा पुलिस कर्मचारियों की संख्या भी बढ़ जाएगी। फिलहाल जिले में लगभग 1700 पुलिस के जवान तैनात हैं। इसके अलावा जिले में 16 थाने, 14 चौकी हैं। इसी प्रकार जिले के एक एसपी, एक एएसपी के अलावा तीन डीएसपी झज्जर, दो बहादुरगढ़ और एक डीएसपी बेरी में तैनात हैं। पुलिस कमिशनरी बनने के बाद यहां पुलिस जवानों की संख्या दोगुनी होने की उम्मीद है।
औद्योगिक रूप से विख्यात है बहादुरगढ़
बहादुरगढ़ पहले ही औद्योगिक रूप से विख्यात है और अब बादली में रिलांयस मेट सिटी व अन्य औद्योगिक इकाइयां आने के बाद यहां पुलिस की जरूरत ज्यादा महसूस होने लगी थी। झज्जर जिला आर्थिक राजधानी के रूप में विकसित हो रहा है। ऐसे में उद्योगपतियों व व्यापारियों को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराने के लिए नई व्यवस्था काफी महत्वपूर्ण साबित होगी। बहादुरगढ़, बादली, साल्हावास, झाड़ली क्षेत्र में बड़ी तेजी से औद्योगिक विस्तार हो रहा है। ऐसे में व्यापारियों को भी सुरक्षा की जरूरत पडे़गी। ऐसे में यहां कमिश्नर रेंज बनाए जाने से अपराध पर अंकुश लगेगा। वहीं झज्जर को पुलिस कमिश्नरी बनाने पर भाजपा के राष्ट्रीय सचिव ओमप्रकाश धनखड़ ने सरकार का धन्यवाद किया है।
वर्जन-
एनसीआर के सभी जिले पुलिस कमिश्नरेट होते हैं। झज्जर को छोड़कर सभी जिले शामिल थे। अगर झज्जर को शामिल किया जा रहा है तो अच्छा है। अब यहां सीनियर अधिकारी भी बैठने शुरू होंगे।
-डॉ. अर्पित जैन, एसपी, झज्जर
जिले की स्थिति
एसपी-1
एएसपी-1
डीएसपी-6
चौकी-14
थाने-16
पुलिस कर्मी-लगभग 1700
मोरपाल।
मोरपाल।