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Jhajjar-Bahadurgarh News: 5 गांवों में सेम भूमि की समस्या के समाधान के लिए 2.95 करोड़ का प्रोजेक्ट तैयार

Sat, 03 Aug 2024 05:13 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
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झज्जर। सेम और लवणीय भूमि से परेशान किसानों को जल्द ही राहत मिल सकती है। इसके लिए कृषि एवं कल्याण विभाग की तरफ से कुछ गांवों की सेम व लवणीय को ठीक किया जाएगा। इसके लिए कृषि एवं कल्याण विभाग की तरफ से गांवों के लिए वर्टिकल ड्रेनेज प्रोजेक्ट तैयार किए हैं। इसके तहत लवणीय पानी को सोलर सिस्टम के जरिये ड्रेनेज के माध्यम से निकाला जाएगा। पूरे प्रोजेक्ट पर 2 करोड़ 95 लाख 84 हजार रुपये की राशि खर्च होगी। फिलहाल इसके लिए कृषि एवं कल्याण विभाग की तरफ से टेंडर मांगे गए हैं।
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झज्जर जिले में सैकड़ों एकड़ जमीन सेम की समस्या के चलते बंजर हो चुकी है और बहुत सारी जमीन ऐसी है जो इस दिशा में तेजी से आगे कदम बढ़ा रही है। जिले में लगभग डेढ़ लाख हेक्टेयर उपजाऊ भूमि है। जिन इलाकों में धान की फसल लगातार रोपी जा रही है, वहां के जमीन के भीतर के जल में क्लोराइड, कार्बोनेट बहुत ज्यादा देखे गए हैं। यहां का जलस्तर पांच से दस फीट तक मिला है। इलाके का आकार कटोरे की तरह से है। थोड़ा सा पानी भी जमीन में काफी दिनों तक भरा रहता है। इस वजह से हल्की बारिश में भी पानी सूखता ही नहीं है। जिस इलाके में सेम की समस्या है वहां पर लगातार सिंचाई से जमीन इतनी ज्यादा तृप्त हो गई है कि जमीन पानी सोखने की स्थिति में नहीं रहती। ऐसे में कृषि एवं कल्याण विभाग ने कुछ गांवों में वर्टिकल ड्रेनेज सिस्टम के जरिये सेम व जमीन में लावणता की मात्रा को ठीक करने का निर्णय लिया है। इस प्रोजेक्ट के तहत बाबरा, मुंडाहेड़ा, कासनी, सुर्खपुर, रेवाड़ी खेड़ी गांवों में काम किया जाएगा। प्रोजेक्ट के तहत सोलर सिस्टम, मोटर लगाकर पानी को बाहर निकाला जाएगा और उसे ड्रेन में छोड़ा जाएगगा। बाबरा गांव के प्रोजेक्ट पर लगभग 32.64 लाख, मुंडाहेड़ा प्रोजेक्ट पर 43.58 लाख, कासनी, सुर्खपुर प्रोजेक्ट पर 59.80 लाख और रेवाड़ी खेड़ा प्रोजेक्ट पर एक करोड़ 59 लाख 82 हजार रुपये की राशि खर्च होगी।

जहां ड्रेनेज सिस्टम, प्रोजेक्ट वहीं सफल
वर्टिकल ड्रेनेज सिस्टम वहीं कामयाब है, जहां आसपास ड्रेन मौजूद है या फिर बनाई जा सकती है। जहां ऐसी सुविधा नहीं है, वहां प्रोजेक्ट कामयाब नहीं है। क्योंकि नहरों में सिंचाई विभाग लावणीय युक्त पानी नहीं छोड़ने देता है। फिलहाल पांच गांवों में प्रोजेक्ट की शुरुआत की गई है।
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पूरे जिले में सेम की समस्या
सेम की समस्या पूरे झज्जर जिले में है। यहां जवाहर लाल नेहरू कैनाल भी है। नहर के आसपास के इलाके में भी जो खेत हैं वहां पर पानी का स्तर काफी ऊंचा हो गया है। नहर के आसपास के क्षेत्र में स्थित खेत पानी सोखने की स्थिति में नहीं होते। जेएलएन ओवरफ्लो होती है तो आसपास के खेत पानी नहीं सोख पाते और गांवों में पानी आ जाता है।

वर्जन
कुछ गांवों में वर्टिकल ड्रेनेज सिस्टम के जरिये सेम व लावणीय भूमि से निजात दिलाने के लिए प्रोजेक्ट शुरू किया जाएगा। अभी टेंडर लगाए गए हैं। इस पर काम अप्रैल में गेहूं की फसल कटने के बाद ही अगले साल शुरू हाेने की उम्मीद है।
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अशोक चाहर, सहायक मृदा संरक्षण अधिकारी, झज्जर
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