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Jhajjar-Bahadurgarh News: 72 घंटे का था वादा, 75 दिन में भी नहीं बाजरे का भुगतान

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झज्जर। सरकार ने बाजरे की खरीद का भुगतान 72 घंटे में करने के दावे किए थे, लेकिन सैकड़ों किसानों को 75 दिन बाद भी भुगतान नहीं हुआ है। ऐसे में इनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। शादी विवाह के खर्चे और इलाज कराने तक के पैसे नहीं है। खरीद एजेंसी के चक्कर काट चुके किसान परेशान होकर उपायुक्त के दरबार में पहुंचे और अपनी समस्या बताई। उपायुक्त ने किसानों को पांच दिन में कार्रवाई का भरोसा दिया है। किसानों का आरोप है कि एजेंसी द्वारा की गई तकनीकी गलतियों की वजह से उनका करीब डेढ़ करोड़ का भुगतान फंसा है।
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अक्तूबर में झज्जर की अनाज मंडी में हैफेड की ओर से बाजरे की 2350 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदा गया था लेकिन जिन किसानों की खरीद का विवरण 1900 रुपये प्रति क्विंटल से कम पोर्टल पर डाला गया है उन किसानों का भुगतान पोर्टल के सिस्टम ने स्वीकृत नहीं किया है इस कारण भुगतान लटका है। ऐसे करीब 100 के आसपास किसान हैं। जिनकी करीब डेढ़ करोड़ की भुगतान राशि अटकी है। आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान सतबीर सिंह मल्हान, चांद पहलवान, बलजीत सिंह सोहन सिंह, चरण सिंह दलाल ने बताया कि हैफेड के अधिकारियों से कई बार इसे लेकर बात की गई लेकिन केवल आश्वासन ही दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि उपायुक्त ने भी उन्हें आश्वासन दिया है कि करीब 5 दिन बाद किसानों की समस्या का समाधान कराकर भुगतान कराने का भरोसा दिया है।
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वर्जन
कई किसानों का बाजरे की फसल का भुगतान नहीं हो गया पाया है। पोर्टल में तकनीकी कमी आई है। विभाग की ओर से जल्द ही बाजरे का भुगतान कर दिया जाएगा।
- अनूप सिंह, डीएम, हैफेड
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