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दंगल की विजेता महिला पहलवानों को नहीं मिली नकदी राशि, सम्मान के नाम पर मिला मेडल

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अमर उजाला ब्यूरो
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चरखी दादरी। फतेहगढ़ में आयोजित जिला स्तरीय कुश्ती स्पर्धा के दौरान अपने वर्ग में विजेता और उप विजेता रहने वाले युवा पहलवानों को नगद पुरस्कार न देने पर पहलवानों और कोच ने नाराजगी प्रकट की है। गांव दूधवा स्थित गूगा पीर व्यायामशाला संचालक कोच प्रदीप ने बताया कि उनके अखाड़े की पहलवान शीतल ने अंडर आयुवर्ग-17 के तहत 49 किलोग्राम में प्रथम स्थान प्राप्त किया। इसी प्रकार एक अन्य पहलवान प्रिया ने आयुवर्ग 21 के 50 किलोग्राम में मुकाबला रजत पदक जीता था। उन्होंने बताया कि विभाग ने इन पहलवानों को पुरस्कार प्रदान करने की बजाय बहानेबाजी कर टाल दिया। उन्होंने बताया कि विभाग का तर्क था कि उनके भारवर्ग में चार पहलवानों ने भी हिस्सा नहीं लिया है, इसलिए चरखी दादरी खेल विभाग के निर्देशानुसार प्रथम स्थान पर रहने के लिए दो हजार रुपये और द्वितीय स्थान के लिए 1500 रुपये नहीं दिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि दोनों विजेताओं को केवल मेडल प्रदान कर ही वापस भेज दिया। कोच प्रदीप कुमार ने बताया कि जो लेटर इस स्पर्धा के लिए खेल विभाग से जारी हुआ है, उसमें कहीं भी यह नहीं दिखाया गया है कि अगर किसी वर्ग में चार प्रतिभागी या उससे कम होंगे तो मौके पर ही दिए जाने वाले नकद पुरस्कार नहीं दिया जाएगा। ऐसा उनके खिलाड़ियों के साथ ही नहीं लगभग 50 प्रतिशत प्रतिभागियों के साथ हुआ है। उन्होंने अंदेशा जताया कि इस स्पर्धा के पुरस्कार वितरण में धांधली हुई है और इसकी उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए।
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