बहादुरगढ़। शहर के रेलवे रोड पर श्री करुणा निधान सेवा समिति की ओर से कराई जा रही श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन मंगलवार को श्रद्धालुओं ने भक्ति का पूरा रसपान किया। कथा के दौरान वामन भगवान के अवतार की झांकी भी निकाली गई। इस दौरान महिलाएं पंडाल में झूमने को मजबूर हो गई। मंगलवार को श्रीमद्भागवत कथा के दौरान डॉ. नरेश चंद्र शास्त्री ने जड़ भरत कथा एवं प्रह्लाद चरित्र का वर्णन किया। शास्त्री ने अजामिल के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि, उन्होंने अंत समय में नारायण का नाम जपा और वे बैकुंठ धाम में गए। भक्त जड़भरत व भक्त प्रह्लाद के जीवन चरित्र की व्याख्या करते हुए भक्तों को उनके बताए मार्ग पर चलने व हमेशा माता-पिता की सेवा करने की बात कही। उन्होंने श्रद्धालुओं को कहा कि अपनी डायरी में लिख लो कि ईश्वर के नियम तोड़ेंगे तो तुरंत दंड के भागीदार होंगे। श्रीमद्भागवत कथा के दौरान वामन भगवान के अवतार की झांकी भी निकाली गई जोकि आकर्षण का केंद्र बनी रही। झांकी के दौरान भक्ति गीतों पर महिलाओं ने जमकर नृत्य किया। 1 मई को श्री राम जन्म एवं श्री कृष्ण जन्म होगा। इस दिन अनेक झांकियां भी निकाली जाएंगी। 2 मई को भगवान श्री कृष्ण की बाल लीलाएं, श्री गोवर्धन पूजा एवं छप्पन भोग, 3 मई को महारास लीला, उद्भव चरित्र प्रसंग रुक्मिणी विवाह और 4 मई को श्री सुदामा चरित्र, श्री शुकदेव जी विदाई का कार्यक्रम होगा। 5 मई को प्रात: 9 बजे हवन होगा। इसके बाद भंडारा आयोजित किया जाएगा। कथा का आयोजन श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर स्वामी गणेशानंद गिरी महाराज के सान्निध्य में किया जा रहा है। इस मौके पर मुकेश बंसल, भारत भूषण, महाबीर प्रसाद रतेरिया, सत्यनारायण अग्रवाल, शिव नारायण गुप्ता, साधूराम, संदीप रतेरिया, प्रशांत गोयल, अनुज कंसल, मनीषा, जग्गी बंसल, राजबीर बंसल, विक्रांत जैन, अनिल गर्ग, आनंद गुप्ता मौजूद रहे।