बहादुरगढ़। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों (एमएसएमई) के बल पर बहादुरगढ़ का औद्योगिक स्वरूप बढ़ता जा रहा है। एक साल में 500 नई इकाइयां खुली हैं। शहर में कुल छोटी-बड़ी औद्योगिक इकाइयों की संख्या 6 हजार के आसपास हो गई है।
एमएसएमई की इकाइयों की संख्या चार हजार के पार हैं। छह हजार फैक्टरियों में लगभग तीन लाख से ज्यादा लोगों को रोजगार मिला हुआ है।
सबसे ज्यादा फुटवियर उत्पादों की इकाइयां खुली हैं। आने वाले समय में एमएसएमई की औद्योगिक इकाइयां कहीं ज्यादा होंगी। बड़ी औद्योगिक इकाइयाें की संख्या ज्यादा नहीं है। बहादुरगढ़ यूं तो औद्योगिक हब है, लेकिन फुटवियर उद्योग का बड़ा हब है। इनके अलावा अन्य उद्योग भी तेजी से बढ़ रहे हैं। इनमें प्लास्टिक उत्पाद, स्टील की औद्योगिक इकाइयां भी शामिल हैं। इसके अलावा इंजीनियरिंग, प्लास्टिक पैकेजिंग, फुटवियर, प्लास्टिक फुटवियर, पेपर, मशीनरी, बिस्कुट, मेडिकल उत्पादों का बड़े पैमाने पर काम होता है। विश्व के अलग-अलग हिस्सों में बहादुरगढ़ में बने फुटवियर का निर्यात होता है। बहादुरगढ़ से इस साल दो हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का निर्यात हो चुका है। जानकारों का कहना है कि सरकार की ओर से उद्योगों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। सरकार इन इकाइयों की स्थापना के साथ ही निर्यात के लिए प्रोत्साहित कर रही है। यहां के उद्योगों में तैयार होने वाले उत्पाद विदेशों तक धूम मचा रहे हैं।लघु और मध्यम उद्याेगों से ही बहादुरगढ के विकास को पंख लगे हैं। (संवाद) ा