संवाद न्यूज एजेंसी
बहादुरगढ़। शहर के आधुनिक औद्योगिक क्षेत्र (एमआईई) पार्ट-ए व बी के साथ लगते अवैध औद्योगिक क्षेत्र में अलग-अलग स्थानों पर करीब 450 मीटर लंबी सीवर लाइन बिछा दी गई। बता दें कि एमआईई पार्ट-ए में प्लाट नंबर 916 के पास वाली गली में तथा एमआईई पार्ट-बी में रेडक्राॅस रोड पर दिल्ली सीमा के साथ लगती गलियों में सीवर लाइन बिछाई गई है। यह क्षेत्र पूरी तरह अवैध है, हालांकि यहां काफी संख्या में अवैध रूप से फैक्ट्रियां चलाई जा रही हैं।
हरियाणा राज्य औद्योगिक संरचना विकास निगम (एचएसआईआईडीसी) के अधिकारियों व ठेकेदार ने फैक्टरी मालिकों के साथ मिलकर यह काम किया है। अवैध औद्योगिक क्षेत्र में बिना चेंज आफ लैंड यूज (सीएलयू) व विकास शुल्क लिए सीवर लाइन बिछाकर फैक्टरी मालिकों को यह सुविधा दी जा रही थी। इस तरह ठेकेदार व अधिकारियों की ओर से सरकार को लाखों रुपये का चूना लगाया जा रहा है। वैसे भी अवैध क्षेत्र में सरकार की अनुमति के बिना इस तरह सीवर लाइन बिछाने का काम नहीं किया जा सकता, मगर यहां ठेकेदार व अधिकारियों ने अपने स्तर पर ही फैक्टरी मालिकों के साथ मिलीभगत कर उन्हें यह सुविधा दी है। प्रशासन को इसका पता चला तो सीवर लाइन उखाड़ दी गई।
हालांकि प्रशासन ने उद्यमियों के दबाव में आकर एक ही पाइप उखाड़कर खानापूर्ति कर ली। एक तरफ तो प्रशासन अवैध क्षेत्रों में तोडफ़ोड़ की गतिविधियां कर रहा है और दूसरी तरफ इस तरह सीवर लाइन बिछाकर फैक्टरी मालिकों को सुविधा देने का काम कर रहा है। गौरतलब है कि करीब आठ करोड़ की लागत से एमआईई पार्ट-ए व बी में सीवर लाइन बिछाने का काम किया जा रहा है। इसके अलावा यहां पर करीब दो करोड़ से पेयजल लाइन और करीब 26 करोड़ की लागत से सीसी की सड़कें बनाई जा रही हैं। एचएसआईआईडीसी व ठेकेदार की इस मिलीभगत का प्रशासन को पूरा पता है। एसडीएम ने इस सीवर लाइन को उखड़वाने के आदेश भी दिए, लेकिन करीब 10-15 फीट लाइन उखाड़कर इतिश्री कर ली गई और एसडीएम को पूरी लाइन उखाड़ने की बात बोल दी गई। ऐसे में इस पूरे मामले को उद्यमियों से लेकर यहां की एसोसिएशन के पदाधिकारी भी दबाने में लगे हुए हैं।
वर्जन...
यह मामला मेरे संज्ञान में आया है। एमआईई पार्ट-ए व बी में जो सीवर लाइन गलत तरीके से बिछाई गई है, उसे उखड़वाया जाएगा। कोई भी गलत कार्य सहन नहीं किया जाएगा। संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-अनिल यादव, एसडीएम, बहादुरगढ़।
वर्जन...
अवैध औद्योगिक क्षेत्र में सीवर लाइन बिछाई गई है तो गलत बात है। अगर ऐसा है तो मैं इसकी जांच करा लेता हूं।
-अरुण पांडे, एचओडी, इंजीनियरिंग ब्रांच, एचएसआईआईडीसी।