छुड़ानी गांव के खेतों में खड़ा पानी।
बहादुरगढ। सिंचाई विभाग की लापरवाही से छुड़ानी गांव में 70 से अधिक किसानों के खतों में पानी भर गया। इससे 350 एकड़ से अधिक धान की फसल पानी में डूब गई है। ऐसे में धान की फसल लगाने और खेतों को तैयार करने में लगाए लाखों की रकम और मेहनत बर्बाद होती नजर आ रही है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने दावा किया है कि खेतों में पानी की निकासी कराने के लिए मोटरें लगा दी गई हैं। जल्द ही पानी निकाला जाएगा।
छुड़ानी गांव के खेतों में खड़ी फसल को बाढ़ से बचाने के लिए मातन लिंक ड्रेन का निर्माण करवाया गया था, लेकिन बंधाई की नहर का निर्माण खुदाई कर किया गया और उसे भी सही से नहीं बनाया गया। ऊपर से साथ लगते खरमाण, रिवाड़ी खेड़ा और दूसरे गांवों का बरसाती पानी भी छुड़ानी में आकर जमा हो गया। इस कारण खेतों में खड़ी फसल पानी में डूब गई। फिलहाल विभाग की ओर से चार मोटरें खेतों से पानी की निकासी के लिए लिंक ड्रेन के दोनों तरफ लगा दी गई है, लेकिन इनकी संख्या नाकाफी है। किसानों की मांग है कि यहां पर मोटरों की क्षमता के साथ-साथ संख्या भी बढ़ाई जाए। ताकि खेतों के पानी को जल्दी निकाला जा सके और फसलों को खराब होने से बचाया जा सके।
यह बोले किसान
गांव के किसान सोहन, अजीत सिंह, सुरेंद्र सिंह, दयानंद और लाला ने बताया कि गांव के किसानों का करोड़ों का नुकसान हो चुका है, लेकिन सिंचाई विभाग सिर्फ कागजों पर काम करता रहता है। किसानों ने कर्ज पर पैसा लेकर फसल लगाई थी, लेकिन अब उस कर्ज को कैसे उतारेंगे।किसान आरोप लगा रहे हैं कि विभाग के अधिकारियों ने पानी की निकासी करने के लिए पंप सेट पर कम क्षमता वाली मोटरें लगाई हैं। यदि मोटरें अधिक क्षमता वाली लगाई जाती हैं तो पानी की निकासी जल्दी होगी।
वर्जन
छुड़ानी गांव में खेतों में भरे पानी और मातन लिंक ड्रेन से पानी निकालने के लिए मोटरें लगा दी गई हैं। जल्द ही पानी की निकासी हो जाएगी। अधिक क्षमता वाली मोटरें भी लगाई जाएंगी।
-धीरज सिंह, एसडीओ, सिंचाई विभाग, बहादुरगढ़।
-