झज्जर। जिले की 33 ग्राम पंचायतों ने अपने गांव को टीबी मुक्त होने का दावा किया है। अब स्वास्थ्य विभाग इन ग्राम पंचायतों के दावे का सत्यापन करेगा। सत्यापन में यदि उनका दावा सही मिला तो विभाग सम्मानित करेगा। इसके लिए जिले की पंचायतें नामांकित की गई है। अब विभाग ने इनका सत्यापन शुरू कर दिया है। विभाग ने ऐसी ग्राम पंचायतों की रिपोर्ट मांगी थी, जहां पर एक हजार की जनसंख्या के पीछे 30 सैंपल टीबी जांच को लेकर लिए गए। इसके अलावा ब्लगम की जांच 85 फीसदी रही है। सिविल सर्जन डॉ. ब्रह्मदीप सिंह ने बताया कि वर्ष 2022 में सफलता दर भी 85 फीसदी रहा है। प्रत्यक्ष लाभ 90 प्रतिशत रही है। गाइड लाइन के मुताबिक 33 ग्राम पंचायतें टीबी मुक्त को लेकर नामांकित हुई हैं। अब स्वास्थ्य विभाग की टीमें इन ग्राम पंचायतों का सत्यापन करेंगी। सत्यापन में अगर में ग्राम पंचायत टीबी मुक्त मिलती हैं तो विश्व टीबी दिवस पर 24 मार्च को सम्मानित किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग ने ग्राम पंचायतों को लेकर पहली बार ये पहल शुरू की है। पिछले साल 2023 जिले में टीबी के 2018 मामले मिले थे।
टीबी मरीजों की जिले में ये रही है पिछले वर्ष स्थिति
जिले में टीबी को लेकर हुई जांच में जिले में 2618 टीबी मरीजों का उपचार शुरू हुआ। इसमें 1293 पुरुष, 724 महिलाएं पॉजिटिव मिले। इसके अलावा 0 से 14 साल के 219 बच्चे पॉजिटिव मिले।
नामांकित 33 गांव व उनकी जनसंख्या
सफीपुर -1038
मलिकपुर 1646
फोर्टपुरा 666
तमसपुरा 758
मांगावास 1092
सूरजगढ़ 761
भालगढ़ 515
बमबुलिया 1096
जटवाड़ा 1293
सरोला 1596
चांदपुर 1558
छबीली 1006
खेराथरू 770
बाजितपुर 318
कालियावास 1701
डीघल 14146
दिमाना 854
गांगटान 1942
लकड़िया 1299
भांभेवा 3290
मदाना 1960
कैमलगढ़ 139
बीड सुनार 436
पासोर 1441
माजरी 3179
जगरतपुर 1255
गंगड़वा 1062
सौंधी 2305
निमाणा 1695
कुकडोला 1995
टीबी मुक्त पंचायत को प्रमाण पत्र के साथ महात्मा गांधी की एक प्रतिमा प्रदान की जाएगी। टीबी मुक्त पंचायत बने रहने पर पहले वर्ष पुरस्कार के रूप में कांस्य, दूसरे वर्ष टीबी मुक्त रहने पर रजत और तीन वर्षों तक टीबी मुक्त ग्राम पंचायत रहने पर स्वर्ण रंग की मूर्ति प्रदान की जाएगी व पुरस्कारों से सम्मानित किया जाएगा।
डॉ. ब्रह्मदीप सिंह, सिविल सर्जन, झज्जर