अमर उजाला ब्यूरो
बहादुरगढ़। काम से हटाए गए 94 सफाई कर्मचारियों का धरना जारी है। बुधवार को कर्मचारियों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और प्रशासन से इच्छा मृत्यु की मांग की। कर्मचारियों ने कहा कि करीब डेढ़ महीने से वे धरने पर हैं, लेकिन प्रशासन उसकी तरफ ध्यान नहीं दे रहा। यदि प्रशासन उन्हें न्याय नहीं दे सकता तो इच्छा मृत्यु की मंजूरी दे दे। वैसे भी बिना रोजगार के जीना मुश्किल हो गया है। कर्मचारियों ने यह भी चेतावनी दी कि वे 2019 के चुनाव में कांग्रेस व भाजपा के उम्मीदवार और प्रचार टीमों का भी विरोध करेंगे। भाजपा व कांग्रेस दोनों का राजनीतिक बहिष्कार किया जाएगा। बुधवार को किसान नेताओं ने भी धरने पर पहुंचकर कर्मचारियों को समर्थन दिया। समर्थन भूमि बचाओ संघर्ष समिति से डॉ. शमशेर सिंह ने कहा कि एक तरफ तो प्रधानमंत्री वारणसी में सफाई दूतों के चरण धोते हैं और इधर बहादुरगढ़ में बिना किसी कारण के नौकरी से हटाए गए 94 कर्मचारियों के आंसू पोंछने वाला कोई नहीं। फरवरी माह की शुरुआत से अब तक ये लगातार धरने पर हैं। लेकिन कोई इनकी तरफ ध्यान ही नहीं दे रहा। इस मौके पर किसान नेता प्रदीप धनखड़, हंसराज राणा आदि ने कहा कि वे कर्मचारियों के रोजगार की मांग पूरी न होन की सूरत में सामूहिक भूख हड़ताल भी कर सकते हैं। निलंबित कर्मचारी पार्वती, कविता, नीलम, रीना, राजपाल, पवन, दिलबर आदि ने चेयरपर्सन के खिलाफ नारेबाजी कर अपना रोष प्रदर्शन किया।