24jjrp23- झज्जर। सिविल अस्पताल में काउंटर से दवा लेते मरीज। संवाद
झज्जर। स्वास्थ्य सेवाओं में फार्मासिस्ट का अहम योगदान है। दवा वितरण से लेकर टीकाकरण में उनकी अहम भूमिका होती है , लेकिन जिले की बात करें तो यहां पर अधिकर फार्मासिस्ट के पद खाली हैं।
सरकारी अस्पतालों में मरीजों को दवा देना फार्मासिस्ट का काम होता है, लेकिन जिले में फार्मासिस्ट के अधिकतर पद खाली हैं। जिले की बात करें तो यहां पर फार्मासिस्ट के 60 पद हैं, लेकिन उनमें से 25 पद लंबे समय से खाली हैं। इसके चलते फार्मासिस्ट को प्रतिनियुक्तियों पर भेजकर काम चलाना पड़ रहा है। जिले भर में कुल 40 सरकारी स्वास्थ्य संस्थाएं हैं, लेकिन यहां केवल 35 फार्मासिस्ट से काम चलाना पड़ रहा है। सप्ताह में कई बार पीएचसी में फार्मासिस्ट न होने के कारण मरीज को नर्स या अन्य कर्मचारियों द्वारा दवा दी जाती है। 25 सितंबर को हर साल वर्ल्ड फार्मासिस्ट डे मनाया जाता है। यह दिन उन सभी फार्मासिस्टों के प्रति सम्मान प्रकट करने का एक अवसर है, जो स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। फार्मासिस्ट केवल दवाएं प्रदान करने वाले नहीं होते, बल्कि वे रोगियों की देखभाल, दवाओं की सुरक्षा, और उपचार के प्रभावशीलता में भी महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।
जिला अस्पताल में भी दो पद खाली
जिला नागरिक अस्पताल में भी फार्मासिस्टों के कुल 8 पद हैं, जिनमें से 6 पदों पर ही फार्मासिस्ट कार्यरत हैं। दो पद अभी भी खाली है। जिले में 40 सरकारी संस्थान है, जिनमें से अधिकतर संस्थानों फार्मासिस्टों के पद खाली हैं।