झज्जर। भारत निर्वाचन आयोग ने आम चुनाव के लिए 07-रोहतक संसदीय क्षेत्र के लिए भारतीय राजस्व सेवा के अधिकारी अर्जुन प्रधान को चुनाव खर्च पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। चुनाव व्यय पर्यवेक्षक ने वीरवार को झज्जर के उपायुक्त कैंप कार्यालय में चुनाव प्रक्रिया को लेकर जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त संजय जून द्वारा गठित सभी 11 टीमों के नोडल अधिकारियों की बैठक ली। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त ने बैठक के दौरान चुनाव व्यय पर्यवेक्षक को जानकारी देते हुए बताया कि रोहतक संसदीय क्षेत्र के तहत झज्जर जिले में चार विधानसभा क्षेत्र 64-बहादुरगढ़, 65-बादली, 66-झज्जर (अजा) व 67-बेरी आते हैं। लोकसभा चुनाव प्रक्रिया को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए भारत निर्वाचन आयोग के आदेशानुसार चुनाव खर्च व निगरानी को लेकर जिला व विधानसभावार 11 कमेटी गठित की गई है। डीईटीसी केएस मलिक की अध्यक्षता में झज्जर जिले के लिए खर्च निगरानी सेल बनाया गया है जो चुनाव के दौरान राजनीतिक दलों व उम्मीदवारों द्वारा किए जाने वाले खर्च की निरंतर निगरानी रखेगा। इसके अतिरिक्त विधान सभा क्षेत्रवार एकाउंटिंग,वीडियों व्यूविंग,वीडियो सर्विलांस व स्टेटिक सर्विलांस टीमें भी गठित की गई हैं। उपायुक्त ने बताया कि शराब की अवैध बिक्री की रोकथाम के लिए विशेषज्ञ अधिकारियों का विधान सभा क्षेत्रवार शराब मॉनीटरिंग सेल गठित किए गए हैं। इसके साथ ही राजनीतिक दलों व उम्मीदवारों द्वारा मीडिया के माध्यम से जारी होने वाले विज्ञापन के सर्टिफिकेशन व पेड न्यूज पर निगरानी के लिए जिला स्तरीय मीडिया सर्टिफिकेशन कमेटी भी गठित किया गया है। इस दौरान व्यय पर्यवेक्षक ने बताया कि लोकसभा चुनाव के लिए भारत निर्वाचन आयोग ने एक उम्मीदवार के खर्च की सीमा 70 लाख रुपये निर्धारित की है। उम्मीदवार के नामांकन के साथ ही खर्च का रिकॉर्ड आरंभ हो जाएगा। इन कमेटी का दायित्व है कि उम्मीदवार द्वारा किए जाने वाले खर्च पर पूरी निगरानी रखे। वीडियो व्यूइंग टीम राजनीतिक दलों की गतिविधियों की रिपोर्ट प्रस्तुत करें। इस मौके पर अतिरिक्त उपायुक्त सुशील सारवान, एसडीएम बादली जगनिवास, एसडीएम झज्जर शिखा सहित निर्वाचन प्रक्रिया से संबंधित कमेटी के नोडल अधिकारी उपस्थित रहे।