अमर उजाला ब्यूरो
झज्जर। संत गुरु रविदास की वाणी प्राणी मात्र के लिए समानता एवं कर्म के द्वार खोलने वाली है। उन्होंने लोगों को सत्कर्म की प्रेरणा दी थी। यह बात जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी शिखा ने मंगलवार को संत शिरोमणि गुरु रविदास जयंती के अवसर पर आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कही। झज्जर शहर के जाटव मोहल्ला स्थित संत रविदास धर्मशाला में आयोजित कार्यक्रम में हरियाणा महिला विकास निगम की अध्यक्ष सुनीता चौहान ने भी भागीदारी की। शिखा ने संत रविदास जयंती की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि संत रविदास ने अपने विचारों व कार्यों से समाज को सद्भाव व समानता का संदेश दिया हैं। भक्ति काल में संत कवियों लक्ष्य किसी पंथ या संप्रदाय विशेष की स्थापना नहीं बल्कि सामाजिक-धार्मिक वैमनस्य को समाप्त कर समतामूलक समाज की स्थापना था। संत रविदास ने स्पष्ट भाषा में कहा कि कर्म ही धर्म है। इससे पहले उन्होंने संत शिरोमणि के चित्र पर दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया तथा स्कूली बच्चों द्वारा तैयार पेंटिंग प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। हरियाणा महिला विकास निगम की अध्यक्ष सुनीता चौहान ने संत रविदास जयंती के अवसर पर शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि संतों की वाणी समाज के लिए सदैव पथ प्रदर्शक रही है। उन्होंने बताया कि संत रविदास की समानता पर आधारित वाणी आज भी प्रासंगिक है। इस अवसर पर यज्ञ का भी आयोजन हुआ। जिसमें शहर के लोगों ने आहुति डाली। कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि ने पेंटिंग प्रतियोगिता की विजेता छात्राओं को सम्मानित भी किया। इस अवसर पर मनोनीत पार्षद महाबीर सैनी, मास्टर महेंद्र, राजरानी शर्मा, प्रीतम चौहान, मुकेश सोढ़ी, जय सिंह प्रधान सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहे।