12jjrp22- झज्जर। अनाज मंडी में बोरियों में भरी फसल। संवाद
झज्जर। जिले की मंडियों में धान और बाजरा की आवक लगातार जारी है। जिले की मंडियों अब तक करीब 207460 क्विंटल बाजरे की आवक हुई है। वहीं 162190 क्विंटल बाजरे की खरीद की गई। शनिवार को करीब 17 हजार क्विंटल बाजरे की आवक हुई। करीब 12 हजार क्विंटल बाजरे की खरीद की गई। वहीं मंडियों में 250 क्विंटल धान की आवक हुई, लेकिन खरीद नहीं की गई।
मंडियों में 11 दिनों से बाजरे की खरीद जारी है। अभी तक जिले की मंडियों में दो लाख सात हजार क्विंटल बाजरे की आवक हो चुकी है। 162190 बाजरे की खरीद की जा रही है। हर दिन मंडी में हजारों क्विंटल बाजरे की आवक हो रही है। शनिवार को मंडियों में 17 हजार क्विंटल बाजरे की आवक हुई, जिसमें से 12 करीब हजार क्विंटल बाजरे की खरीद की गई है, जबकि जिले की मंडियों में पहुंच रहे पीआर धान की खरीद अभी तक शुरू नहीं की गई है।
वहीं झज्जर मंडी में अभी तक 70 हजार क्विंटल बाजरे की आवक हुई है और 63 हजार क्विंटल बाजरे की खरीद की जा चुकी है और 45 हजार क्विंटल बाजरे की उठान की गई है। सोमवार को 6600 क्विंंटल बाजरे की आवक हुई थी और 5400 क्विंटल बाजरे की खरीद की गई। 5500 क्विंटल बाजरे का उठान किया गया।
आढ़ती दामी को 3 प्रतिशत किया जाए
आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान हरेंद्र सिलाना ने कहा कि वर्ष दो हजार में चौटाला सरकार में आढ़तियों के लिए 2.50 प्रतिशत दामी तय की गई थी। कोरोना काल में सरकार ने भार ज्यादा होने पर आढ़तियों को सहयोग करने के लिए कहा और 46 रुपये तय किए गए थे। इसके बाद अब आढ़तियों को 55 रुपये प्रति क्विंटल मिल रहे हैं। आढ़तियों के 2.50 प्रतिशत के हिसाब से नहीं मिल रहे। आढ़तियों की रोजी-रोटी का यही साधन है। सरकार को अब आढ़ती दामी को बढ़ाकर 3 प्रतिशत कर देना चाहिए।
वर्जन
अभी तक मंडी में 70 हजार क्विंटल बाजरे की आवक हुई। 63 हजार क्विंटल बाजरे की खरीद की गई है। करीब किसानों को किसी तरह की कोई परेशानी न हो, इसके लिए सहायता केंद्र बनाए गए हैं।-दीपक, सचिव, मार्केट कमेटी, झज्जर