फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नए रेट के हिसाब से अवार्ड घोषित, 16 को समाप्त होगा किसानों का धरना

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

बहादुरगढ़। उचित मुआवजे की मांग को लेकर धरना दे रहे किसानों का संघर्ष आखिरकार रंग लाया है। इन किसानों को अब पहले के मुकाबले तीन गुणा मुआवजा मिलेगा। किसानों को एक करोड़ 11 लाख रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से मुआवजा दिया जाएगा। अब किसान 16 मार्च को महापंचायत का आयोजन कर एक महीने से अधिक समय से चल रहे धरने को भी समाप्त करेंगे। दरअसल, हाईवे विस्तारीकरण के चलते छारा सहित कई गांवों की जमीन अधिग्रहण की गई थी। गांव सांखोल को 40 लाख रुपये प्रति एकड़ मुआवजा देना तय हुआ था लेकिन इस मुआवजा राशि से किसान नाखुश थे। इन किसानों ने फरवरी माह में रमेश दलाल के नेतृत्व में छारा में धरना शुरू कर दिया। एक महीने से अधिक समय तक यह धरना चला। मामला केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी तक पहुंचा। लंबे संघर्ष के बाद आखिरकार किसानों को राहत मिली और 11 मार्च को नए रेट के हिसाब से अवॉर्ड की घोषणा कर दी गई। यानी पहले जहां किसानों की जमीन 40 लाख प्रति एकड़ में जा रही थी, अब किसान को 1 करोड़ 11 लाख प्रति एकड़ मिलेंगे। बुधवार को भी यह धरना जारी रहा। धरने पर किसानों ने इसे संपन्न करने का निर्णय लिया। धरने का नेतृत्व कर रहे रमेश दलाल ने कहा कि किसानों की मांग जायज थी। इसलिए लगभग 880 गांवों का उन्हें समर्थन मिला। सभी गांवों, खापों के प्रधानों से उन्हें समर्थन प्राप्त हुआ। यह आंदोलन खापों व गांव देहात के समर्थन व सहयोग के बिना सफल होना संभव नहीं था। इसलिए 16 मार्च को धन्यवाद महापंचायत में सभी सहयोगियों को सम्मानित कर धरने का समापन किया जाएगा। रमेश दलाल ने आंदोलन की विशेषता बताते हुए कहा कि जहां एक तरफ आंदोलन को पूर्णत: गैर-राजनीतिक रखा गया वहीं दूसरी तरफ आंदोलन में सभी राजनीतिक दलों व विभिन्न सामाजिक संगठनों के लोगो ने भरपूर सहयोग दिया। ऐसे में अब सभी खाप प्रतिनिधियों व आंदोलन में साथ देने वाले सभी राजनीतिक व सामाजिक संगठनों के नेताओ को धन्यवाद महापंचायत का निमंत्रण भेजा जा रहा है। किसानों की जीत में मीडिया की भी अहम भूमिका रही है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें