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कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए बबीता च विनेश ने कटाई टिकट, बड़ी बहन गीता चूकी

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डॉक्टरों ने कुश्ती छोड़ने की दी सलाह, पिता ने बढ़ाया हौसला
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कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए क्वालीफाई करने वाली बबीता बोली स्वर्ण जीतकर चुकाऊंगी कर्ज

अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी।
लखनऊ में आयोजित ट्रायल में कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए क्वालीफाई करने वाली बलाली की फौगाट बहनों का लक्ष्य स्वर्ण पदक जीतना है। अंतरराष्ट्रीय महिला पहलवान बबीता फौगाट ने अमर उजाला को बताया कि ओलंपिक से पहले ही उसके घुटने में दर्द था। ओलंपिक खेलों के बाद दर्द और बढ़ गया और उसे मैट से दूरी बनानी पड़ी। बंगलूरू के विजय नगर स्पोर्ट्स सेंटर में उसका उपचार चला। चिकित्सकों ने तो उसे कुश्ती छोड़ने की ही सलाह दी थी लेकिन पिता और कोच ने उसकी हिम्मत बढ़ाए रखी। इसका कर्ज वो कॉमनवेल्थ में स्वर्ण पदक जीतकर चुकाएंगी। द्रोणाचार्य अवार्डी महावीर फौगाट का भी कहना है कि बबीता और विनेश के कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए चयन होने की उन्हें खुशी है। बबीता और विनेश सहित गीता ने भी कुश्ती अच्छी लड़ी लेकिन अंतिम क्षणों में हुई गलती से उसको हार का सामना करना पड़ा। उन्होंने बताया की बबीता और विनेश से इस स्पर्धा में स्वर्ण पदक लाने की उन्हें उम्मीद है। महावीर का कहना है कि विनेश और बबीता से कॉमनवेल्थ गेम्स में उन्हें स्वर्ण पदक की आस है। इसके लिए दोनों कड़ी मेहनत कर रही हैं। दूसरी तरफ फौगाट बहनों के चयन से जिले में खुशी का माहौल है। उनके पैतृक गांव बलाली में बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। गीता का कहना है कि छोटी दोनों बहनों का चयन होने से खुश हैं। अब एशियाड गेम्स के लिए वह जी-जान लगाकर तैयारी करेगी। इसके लिए जुलाई माह में ट्रायल होना है। विनेश का कहना है कि कॉमनवेल्थ के लिए चयन होने से बेहद खुश है। ओलंपिक में चोट लगने के बाद मैट से दूरी बन गई थी। अब कॉमनवेल्थ का लक्ष्य लेकर मैदान पर उतरी थी और इसमें कामयाब भी रहीं।

फोटो 38 : द्रोणाचार्य अवार्डी महावीर पहलवान के साथ फौगाट बहनें।
फोटो 39 : महावीर फौगाट।
फोटो 40 : बबीता फौगाट।
फोटो 41: विनेश फौगाट।
फोटो 42 : गीता फौगाट।
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