झज्जर। पिछले 20 दिन से रोडवेज के पास 17780 लोगों के हैप्पी कार्ड बनकर आ चुके हैं, लेकिन लोग हैप्पी कार्ड लेने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं। अब तक केवल 4902 लोग ही हैप्पी कार्ड ले चुके हैं, जबकि 13 हजार से अधिक हैप्पी कार्ड अब तक रोडवेज अधिकारियों के पास हैं। अधिकारियों का कहना है कि लोग हैप्पी कार्ड लेने के लिए नहीं आ रहे हैं, जबकि लोगों के मोबाइल पर मैसेज तक भेज दिए गए हैं। उसके बाद भी लोगों का रुझान हैप्पी कार्ड लेने में नहीं है।
झज्जर में 17780 हैप्पी कार्ड बनाए जा चुके हैं। ये ऐसे लाभार्थी हैं जिनकी आय एक लाख रुपये या इससे कम है, उनके हैप्पी कार्ड बनाए गए हैं। इस योजना का लाभ लेने के लिए पात्र नागरिक को 50 रुपये देकर हैप्पी कार्ड बनवाने के लिए आवेदन करना होता है। आवेदन होने के बाद इसकी जानकारी रोडवेज विभाग के पास जाती है। रोडवेज विभाग व बैंक के बीच समझौता हुआ है। फिर बैंक की तरफ से कार्ड बनाकर जिला मुख्यालय पर भेजे जाते हैं। इसके बाद रोडवेज की तरफ से उसके एक्टिवेट करके आगे पात्रों को कार्ड दिया जाता है। बाकायदा रोडवेज की तरफ से पात्रों को मोबाइल पर मैसेज भेजे जाते हैं। उसी के आधार पर ही पात्रों को कार्ड दिया जाता है।
ऐसे काम करेगा हैप्पी कार्ड
हैप्पी कार्ड के बनने के बाद कार्ड का उपयोग ई-टिकटिंग मशीन द्वारा स्कैन कर धारकों को शून्य रुपये की एक टिकट दी जाएगी। कार्ड को स्कैन करने के बाद कार्ड से ऑटोमेटिक किलोमीटर को फीड किया जाएगा, जिससे कार्ड के शेष किलोमीटर का पता चल जाएगा।
यह स्मार्ट कार्ड सीधे ई-टिकटिंग प्रणाली से कनेक्ट होंगे। योजना के लिए लाभार्थियों की पहचान परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) माध्यम से की जाएगी। हैप्पी कार्ड के लिए आवेदन प्रक्रिया पारदर्शी, सरल और ऑनलाइन है। कार्ड के लिए आवेदक को 50 रुपये वन टाइम एक्टिवेशन चार्ज के रूप में देने होंगे व बाकी खर्च सरकार वहन करेगी। लाभार्थियों को इस कार्ड को खरीदने के लिए केवल 50 रुपये की एकमुश्त लागत का भुगतान करना होगा और बाकी कार्ड की लागत लगभग 109 रुपये सरकार भरेगी। हैप्पी कार्ड का वार्षिक रखरखाव का शुल्क 79 रुपये भी सरकार की ओर से वहन किया जाएगा।
- संजीव तिहाल, महाप्रबंधक, हरियाणा रोडवेज झज्जर डिपो