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एसडीएम शिखा ने समाज को टीबी रोग मुक्त बनाने का किया आहवान

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अमर उजाला ब्यूरो
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झज्जर। टीबी रोग लाइलाज नहीं है थोड़े से परहेज और कुछ समय नियमित दवाओं के इस्तेमाल से टीबी से पूरी तरह से मुक्ति पाई जा सकती है। यह बात झज्जर के एसडीएम शिखा ने स्वास्थ्य विभाग की ओर से टीबी दिवस पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कही। एसडीएम ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया और समाज को टीबी रोग से मुक्ति दिलाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि टीबी जैसी बीमारियों से मुक्ति पाकर ही समाज को निरोग बनाया जा सकता है। डिप्टी सीएमओ डॉ. राकेश कुमार ने कहा कि टीबी में लापरवाही जानलेवा हो सकती है और समय रहते जांच कराकर कुछ समय तक नियमित दवाएं खाने से टीबी पूरी तरह से ठीक हो जाती है। डॉ. राकेश ने विश्व टीबी दिवस पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि टीबी के सामान्य लक्षण हैं जिनके लक्षण मिलने से जांच कराकर इलाज कराया जा सकता है। डिप्टी सीएमओ डॉ. राकेश ने कहा कि दो सप्ताह व उससे ज्यादा समय तक खांसी होना, बुखार आना, वजन कम होना और रात को पसीना आना टीबी के सामान्य लक्षण हैं। ऐसे में नजदीकी सरकारी अस्पताल में मुफ्त जांच व दवाएं उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि सरकार टीबी मुक्त देश व प्रदेश बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं और इसी कारण टीबी मरीजों के लिए विशेष योजना शुरू की है। उप सिविल सर्जन ने बताया कि टीबी की जांच व इलाज जहां मुफ्त उपलब्ध हैं वहीं टीबी मरीज को जब तक इलाज चलता है 500 रुपये प्रतिमाह सरकार द्वारा दिए जाते हैं। यहीं नहीं टीबी मरीज की सूचना देने वाले व्यक्ति को भी सरकार 500 रुपये इनाम के रूप मेें देती है। इस मौके पर अच्छा कार्य करने वाले स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सकों व स्वास्थ्यकर्मियों को सम्मानित भी किया गया। कार्यक्रम में डॉ. रणबीर, डॉ. विनय, एसएमओ डॉ. संजय सचदेवा, डॉ. संजय, चेस्ट एंड टीबी स्पेशलिस्ट डॉ. कमलदीप आदि उपस्थित रहे और उन्होंने टीबी रोग के विषय में विस्तार से जानकारी दी।
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