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जिले में गेहूं की बिजाई का काम जोरो पर

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गेहूं की बिजाई जोरों पर, 45 हजार हेक्टेयर में होगी बिजाई
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अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी।
रबी की प्रमुख फसल गेहूं की बिजाई का कार्य तेजी पर रहा है। इस समय किसान गेहूं की बिजाई के कार्य में जुटे हैं। गेहूं की बिजाई का रकबा 45 हजार हेक्टेयर क्षेत्र तक पहुंचने अनुमान है। किसान 25 दिसंबर तक गेहूं की पछेती बिजाई कर सकेंगे। जिले का कुल कृषि योग्य क्षेत्र 1.20 लाख हेक्टेयर है। इस बार नहरी पानी पर्याप्त मात्रा में मिलने की वजह से गेहूं की बिजाई का रकबा बढ़ने की उम्मीद है। 30 नवंबर तक नहरों में करीब 25 दिन पानी चला है। जिले में करीब 40 नहरें और माइनर हैं। इस बार गत मानसून सीजन में भी लगातार रिकार्ड 74 दिन नहरों में पानी चला था। इससे जिले की काफी नहरों और माइनरों में पानी पहुंच गया था। नहरी पानी पर्याप्त मात्रा में मिलने पर किसानों ने नहरी पानी से सिंचाई की। नवंबर मध्य में ही गेहूं की अगेती बिजाई का काम शुरू हो गया था। 25 नवंबर तक गेहूं की अगेती बिजाई का समय माना जाता है। अब 25 नवंबर के बाद 25 दिसंबर तक गेहूं की पछेती बिजाई का समय शुरू हो गया है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार गेहूं की बिजाई के समय इस समय अनुकूल समय चल रहा है। तापमान भी उचित है। विशेषज्ञों के अनुसार इस बार गेहूं की बिजाई का रकबा करीब 45 हजार हेक्टेयर क्षेत्र तक पहुंचने का अनुमान है। किसान भीम सिंह महराणा, शमशेर सिंह व सुखवीर कमोद ने बताया कि जिन किसानों ने धान की रोपाई कर रखी थी उन खेतों में इस समय गेहूं की बिजाई का काम जोरों पर चल रहा है। किसानों ने बताया कि सरसों की बिजाई नवंबर मध्य तक पूरी हो चुकी है। जिले में चने की खेती के प्रति किसानों का इतना रुझान नहीं है। जिले का अधिकतर एरिया तराई युक्त है। बाढड़ा एरिया में कुछ भागों में चने की खेती होती है। इस संबंध में कृषि विकास अधिकारी संदीप बूरा का कहना है कि गेहूं की पछेती बिजाई का समय 25 दिसंबर तक है। उसके बाद बिजाई करने पर प्रति हेक्टेयर के हिसाब से औसत पैदावार प्रतिदिन घटने लगती है।
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