अमर उजाला ब्यूरो
बहादुरगढ़। छुड़ानी धाम में फाल्गुन मेला संपन्न हो गया। देश भर से आए श्रद्धालुओं ने धाम में पहुंच कर गरीबदास महाराज के दरबार में मत्था टेका। वहीं कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने मेले के आखिरी दिन छुड़ानी धाम में पहुंच कर गरीबदास महाराज का आशीर्वाद लिया। धाम के श्रीमहंत दया सागर ने कृषि मंत्री को आशीर्वाद देते हुए उन्हें गरीबदासीय महाराज के वाणी पाठ की पुस्तक भी भेंट की। हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश व दिल्ली तथा राजस्थान की संगत ने जहां गरीबदास महाराज का मत्था टेका। वहीं भंडारे में भी विशेष योगदान दिया। मेले को लेकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम पुलिस प्रशासन की ओर से किए गए थे। वहीं सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से हर संदिग्ध पर नजर रखी जा रही थी। मेले में आए लाखों श्रद्धालुओं को श्रीमहंत दयासागर ने प्रवचन देते हुए कहा कि प्रेमा भक्ति करके ही मुक्ति प्राप्त करना लक्ष्य है। सतपुरुष के प्रति प्रेमा भक्ति करके जीव पूर्ण मुक्ति को प्राप्त हो सकता है। आखिरी दिन महंत दया सागर ने नामदान भी दिया। हजारों लोगों ने नाम लिया। कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने कहा कि कबीर पंथी गरीबदासीय शक्तिपीठ छुड़ानी धाम की अपनी एक आस्था है। हर साल वे यहां मत्था टेकने के लिए पहुंचते हैं। उन्होंने उपस्थित भक्तों को गरीबदास महाराज के दिए गए उपदेशों पर चलने के लिए प्रेेरित किया। वाणी पाठ में दिए गए उपदेशों में गरीबदास महाराज ने स्पष्ट किया है कि जो मनुष्य सच्चे रास्ते पर चलता है वह निश्चय ही एक दिन अपनी मंजिल हासिल कर लेता है। इस मौके पर स्वामी चेतनानंद, वेदांता चार्य, स्वामी शंकरानन्द, स्वामी दिवानांद, प्रेमानंद, स्वामी विवेकानंद, रामजीदास ने प्रवचन सुनाए। भंडारे के बाद संस्था के वरिष्ठ अधिकारी जयप्रकाश धनखड़ ने संतों को दक्षिणा दी। स्वामी समुंद्र दास गोहाना ने रात भर भजन सुनाए, हंसराज समेत अनेक गण्यमान्य व्यक्ति व साध संगत मौजूद रही।