अगर आपके पास कोई बिजनेस करने का नया तरीका या आइडिया है, तो यह आपको 5 से 25 लाख रुपये की अनुदान राशि दिला सकता है। यह अनुदान राशि चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय में नाबार्ड व भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के वित्तीय सहयोग से स्थापित एग्रीबिजनेस इंक्यूबेशन सेंटर (एबिक) प्रक्रिया के तहत प्रदान करेगा। इसके लिए चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय वेबसाइट hau.ac.in पर 28 अगस्त तक ऑनलाइन आवेदन करना है।
एचएयू के कुलपति एवं एबिक के अध्यक्ष प्रो. बीआर कांबोज के अनुसार इस सेंटर के माध्यम से युवा, किसान व उद्यमी मार्केटिंग, नेटवर्किंग, लाईसेंसिंग, ट्रेडमार्क व पेटेंट, तकनीकी व फंडिंग से संबंधित प्रशिक्षण लेकर कृषि क्षेत्र में अपने स्टार्टअप को नया आयाम दे सकते हैं। इसके लिए ‘पहल’ व ‘सफल’-2023 नाम से दो प्रोग्राम हैं।
‘पहल’ प्रोग्राम में 5 लाख रुपये जबकि ‘सफल’ प्रोग्राम में 25 लाख रुपये की अनुदान राशि का प्रावधान है। उन्होंने बताया पिछले 4 सालों में 55 स्टार्टअप्स को केंद्रीय कृषि एवं कृषि कल्याण मंत्रालय द्वारा 6 करोड़ 54 लाख की राशि स्वीकृत की जा चुकी है। कुलपति ने उक्त कार्यक्रमों से संबंधित विवरण पुस्तिका का विमोचन किया।
एबिक सेंटर से प्रशिक्षित युवा दे पाएंगे दूसरे लोगों को भी रोजगार
कुलपति ने कहा कि इस सेंटर के माध्यम से स्टार्टअप्स देश को आत्मनिर्भर बनने की दिशा में अहम भूमिका निभाएंगे इसके साथ ही युवा, किसान व उद्यमी एबिक सेंटर के माध्यम से कृषि के क्षेत्र में प्रोसेसिंग, मूल्य संवर्धन, सर्विसिंग, पैकेजिंग व ब्रांडिंग करके व्यापार की अपार संभावनाएं तलाश सकते हैं।
सेंटर से अब तक जुड़े युवा उद्यमी व किसानों ने न केवल अपनी कंपनी का टर्न ओवर करोड़ों रुपये तक पहुंचाया है अपितु उन्होंने दूसरे लोगो को रोजगार भी प्रदान किया है। इस अवसर पर एबिक के डायरेक्टर डॉ. अतुल ढींगड़ा, अनुसंधान निदेशक डॉ. जीतराम शर्मा, प्रिंसिपल इन्वेस्टीगेटर (आरकेवीवाई) डॉ. राजेश गेरा, मीडिया एडवाइजर डॉ. संदीप आर्य व एबिक के बिजनेस मैनेजर विक्रम सिंधु मौजूद रहे।