हिसार। विद्युत नगर के मैदान में 42 साल बाद पहली बार स्थानीय कलाकार श्री बद्री केदार रामलीला के मंच पर नजर नहीं आएंगे। इस बार वृंदावन के कलाकार मंचन करेंगे और स्थानीय कलाकार अपने परिवार संग रामलीला देखेंगे। रामलीला के छोटे कलाकार पढ़ाई में व्यस्त हैं तो वरिष्ठ कलाकार बूढ़े होने के कारण मंच पर किरदार निभाने से परहेज कर चुके हैं। वर्ष 1981 से अब तक स्थानीय कलाकार ही रामलीला में अपने अभियन की छाप छोड़ते आए हैं। मगर, इस बार की रामलीला में वृंदावन से स्वामी रामशरण महाराज की देखरेख में करीब 25 कलाकार मंच संभालेंगे। श्री बद्री केदार रामलीला समिति की ओर से 15 अक्तूबर से विद्युत नगर के ग्राउंड में रामलीला शुरू होगी।
समिति के प्रधान मुकेश रावत ने बताया कि हर साल श्री बद्री केदार रामलीला समिति की ओर से 40-42 स्थानीय कलाकार ही रामलीला में मंचन कर रहे थे। इनमें 40 से ज्यादा उम्र के 10 से 12 कलाकार शामिल हैं। कई कलाकारों की उम्र तो 60 साल पार हो चुकी है। रामलीला में किरदार निभाते वाले छोटे कलाकार 12 वर्ष से 18 साल तक हैं। ये कलाकार पांचवीं कक्षा से 12वीं कक्षा में पढ़ते हैं। इन सभी के एग्जाम होने के कारण इस बार मंचन का फैसला टाला गया है। ऐसे में इस बार समिति की ओर से वृंदावन के कलाकारों को आमंत्रित किया गया है। वहीं, 24 अक्तूबर को ग्राउंड में दशहरा पर्व मनाया जाएगा। रामलीला को लेकर समिति के पदाधिकारियों ने तैयारी शुरू कर दी है।
एक कलाकार निभाता है कई किरदार
समिति के सचिव अनिल भट्ट ने बताया कि विद्युत नगर के कई स्थानीय कलाकार ऐसे हैं, जो कई किरदार निभाकर लोगों को दिल जीत लेते थे। इनमें 64 वर्षीय रामशरण शर्मा दशरथ से लेकर मारीच और सुलोचना का किरदार निभाते थे।। इसी प्रकार 64 वर्षीय दया कृष्ण हरबौला कैकेयी का किरदार निभाने के साथ चौपाइयां से लेकर भजन गाते थे। 63 वर्षीय गजेंद्र गुसाईं रावण, मेघनाथ का किरदार निभाते थे। जगतराम जोकर की उम्र 66 साल है। इन्होंने तो रामलीला में दर्शकों को हंसाकर दिल जीत लिया। मगर इस बार स्थानीय कलाकारों को अपने परिवार के साथ रामलीला देखने को मौका मिलेगा।
चार लाख रुपये आएगा खर्चा
रामलीला में मंचन करने वाले वृंदावन के कलाकारों को श्री बद्री केदार रामलीला समिति की ओर से चार लाख रुपये में बुक किया गया है। रामलीला मंचन से दो दिन पहले कलाकार हिसार पहुंच जाएंगे। उधर, समिति के पदाधिकारियों ने तैयारियां शुरू कर दी है। अब जल्द ही पदाधिकारियों की रामलीला को लेकर बैठक होगी। जिसमें व्यवस्था को लेकर चर्चा की जाएगी।
इस बार रामलीला के मंचन पर कब क्या होगा
- 15 अक्तूबर को नारद मोह लीला
- 16 अक्तूबर को राम जन्म और ताड़का वध लीला
- 17 अक्तूबर को सीता स्वयंवर लीला
- 18 अक्तूबर को राम बारात एवं राम वनवास लीला
- 19 अक्तूबर को पितृभक्त श्रवण एवं भरत मिलाप लीला
- 20 अक्तूबर को सीता हरण एवं जटायु वध लीला
- 21 अक्तूबर को बाली वध एवं लंका दहन लीला
- 22 अक्तूबर को रावण-अंगद संवाद एवं लक्ष्मण मूर्छा लीला
- 23 अक्तूबर को कुंभकरण, मेघनाथ एवं अहिरावण वध लीला