हिसार में उपस्थित भारत स्वाभिमान ट्रस्ट के राज्य प्रभारी ईश कुमार आर्य, जीजेयू के कुलपति प्रो.
हिसार। गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय (जीजेयू) में पंचनद शोध संस्थान, अध्ययन केंद्र द्वारा अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में करो योग रहो निरोग विषय पर गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस गोष्ठी में भारत स्वाभिमान ट्रस्ट, हरियाणा, पतंजलि योगपीठ, हरिद्वार से राज्य प्रभारी ईश कुमार आर्य, प्रस्तोता के तौर पर उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता जीजेयू के कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने की। ईश कुमार आर्य ने आठ प्राणायाम के बारे में विस्तार से बताया और कहा कि हमें योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाना चाहिए, ताकि हम स्वस्थ रह सके। योग स्वस्थ जीवन की कला व विज्ञान है। योग भारत के ऋषि- मुनियों द्वारा विश्व को दिया गया एक अनमोल उपहार है। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने कहा कि योगाभ्यास तनाव से मुक्ति पाने और मन को प्रसन्न व शांत रखने में अत्यंत मददगार है। रोग से निरोग होने का मार्ग योग है। वहीं पंचनद शोध संस्थान अध्ययन केंद्र के अध्यक्ष डॉ. जगबीर सिंह ने कहा कि योग शब्द की उत्पत्ति संस्कृत भाषा के ‘युज’ नामक शब्द से हुई है, जिसका अर्थ है-जुड़ना या मिलना। शरीर, मन, बुद्धि व आत्मा का एक साथ मिलना ही योग कहलाता है।
सहज योग के दूसरे दिन भारतीय संस्कृति अपनाने पर जोर दिया
हिसार। माता निर्मला देवी द्वारा प्रदत सहज योग की हिसार ब्रांच ने आज दूसरे दिन भी जिंदल पार्क, बरवाला रोड में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया। माता के ऑस्ट्रिया और उत्तराखंड के अनुयायियों ने शिरकत की। सहज योग के नगर प्रभारी महेन्द्र पाल ने बताया कि हमारी युवा पीढ़ी पश्चिम संस्कृति को अपना रही है, जोकि खतरनाक है। पश्चिम के लोग उस संस्कृति को त्याग कर भारतीय संस्कृति में आ रहे हैं। उन्होंने युवा पीढ़ी से भारतीय संस्कृति को अपनाने पर जोर दिया।
ऑस्ट्रिया से आई योगिनी एना ने रामायण की चौपाइयों व हिंदी भाषा में भजन सुनाकर सबको आश्चर्यचकित कर दिया। एना पूरी तरह भारतीय वेशभूषा में नजर आई। उन्हें भारतीय संस्कृति इतनी अच्छी लगी कि अब वे भारत की होकर रह गई हैं। उत्तराखंड की तनुजा ने अभूतपूर्व कथक नृत्य द्वारा अनुपम प्रस्तुति दी।