हिसार। शहर से 10 वार्डों से कचरा उठान को लेकर एजेंसी को वर्क ऑर्डर जारी कर दिया है। हालांकि एजेंसी 1 अप्रैल से काम शुरू करेगी। निगम अधिकारियों के अनुसार कंपनी ने इस कार्य के लिए जरूरी संसाधन जुटाने के लिए एक माह का समय मांगा है। बता दें कि इससे पहले निगम की तरफ से 5 वार्डों से डोर टू डोर कचरे के उठान के कार्य को ठेके पर दिया हुआ था। उस टेंडर के खत्म होने के बाद निगम प्रशासन ने 5 के बजाय 10 वार्डों से डोर टू डोर कचरे के उठान के कार्य को ठेके पर करवाने का फैसला किया।
प्रत्येक 10 घरों पर लगानी होगी आरएफआईडी, एजेंसी ने मैपिंग की शुरू
एजेंसी को हर 10 घर के बाद आरएफआईडी लगानी होगी। इस फायदा यह होगा कि इसके माध्यम से निगम को यह पता चल सकेगा कि ठेकेदार की गाड़ियां कूड़ा उठाने के लिए किन-किन एरिया में गईं। अक्सर निगम के पास ये शिकायतें आती हैं कि उनके एरिया से घरों से कचरे का उठान नहीं किया गया। टेंडर में यह शर्त लगने से निगम के पास इस तरह की शिकायतें नहीं आएंगी। उधर एजेंसी ने इसे लेकर मैपिंग का काम भी शुरू कर दिया है।
10 वार्डों में 98 वाहनों से होगा कचरे का उठान
टेंडर की शर्तों के अनुसार एजेंसी को 98 वाहन व 196 कर्मचारी इस कार्य के लिए लगाने होंगे। निगम के मुताबिक इन 10 वार्डों से प्रतिदिन करीब 80 मीट्रिक टन कचरा निकलता है। वार्ड 1 से 10 की जनसंख्या 1 लाख 78 हजार 37 है और घरों की संख्या 47 हजार 183 है, जिसमें रिहायशी, कॉमर्शियल, औद्योगिक इकाई व शिक्षण संस्थान शामिल हैं। साथ ही एजेंसी को न सिर्फ कचरे को एकत्रित करना होगा, बल्कि सेग्रीगेशन कर उसका निपटान भी करना होगा।
10 वार्डों से कचरा उठान पर सालाना 6.35 करोड़ रुपये होगा खर्चा
इस टेंडर को लेकर निगम की तरफ से 7.45 करोड़ रुपये का रफ कॉस्ट एस्टीमेट तैयार किया था। मुख्यालय से इस लेकर 6.96 करोड़ रुपये की प्रशासनिक अनुमति मिली थी। हालांकि एजेंसी का इस कार्य के लिए 6.35 करोड़ रुपये का भुगतान किया जाएगा।
एजेंसी को करने होंगे ये कार्य
- डोर टू डोर कचरा उठाना
- गीले कचरे से खाद बनाना
- सेग्रीगेशन
- निस्तारण करना
- आरएफआईडी टैग लगाना
- लोगो को जागरूक करने का कार्य
- टोल फ्री नम्बर जारी करना
अब डीजीएसएंडडी खरीदेगा 50 टिप्पर
निगम ने 50 टिप्पर गाड़ियों का टेंडर अलॉट करने के लिए मुख्यालय से अनुमति मांगी थी। इस पर मुख्यालय ने निगम को डायरेक्टर जनरल ऑफ सप्लाई एंड डिस्पोजल के माध्यम से गाड़ियों की खरीद करने को कहा। अब यह विभाग निगम को इन गाड़ियों की खरीद करके देगा।
1 से 10 वार्ड का डोर टू डोर कचरा कलेक्शन के लिए एजेंसी को वर्क ऑर्डर जारी कर दिया है। वर्क ऑर्डर 1 अप्रैल से 31 मार्च 2024 तक एक वर्ष के लिए दिया गया है। उक्त एजेंसी 1 अप्रैल से अपना कार्य शुरू कर देगी। - प्रदीप दहिया, निगमायुक्त
एजेंसी के कार्य शुरू होने के बाद इन वार्डों में सफाई की कोई शिकायत नहीं आएगी। जल्द ही निगम के पास 50 नई टिपर गाड़ियां भी आ जाएंगी, जिससे सफाई व्यवस्था और बेहतर हो जाएगी। - गौतम सरदाना, मेयर
एचएसवीपी के सेक्टरों में एक माह बाद फिर शुरू हुआ सफाई का काम
उधर बुधवार से एचएसवीपी के 6 सेक्टरों में बुधवार से घरों से कचरे का उठान व सड़कों पर झाडू लगाने का काम शुरू हुआ, जो पिछले एक माह से बंद पड़ा था। संपदा अधिकारी की तरफ से इस कार्य के लिए सभी सेक्टरों में एक हाथ रेहड़ी के साथ दो-दो कर्मचारी तैनात किए गए हैं। अभी फिलहाल सेक्टरवासियों को इसी व्यवस्था से काम चलाना पड़ेगा, क्योंकि सफाई का नया टेंडर लगने में अभी थोड़ा वक्त और लगेगा। आरडब्ल्यूए की मानें तो अधिकारियों ने टेंडर लगाने से पहले मुख्यालय से प्रशासनिक अनुमति ही नहीं ली। यह अनुमति मिलने के बाद ही नया टेंडर लगाया जा सकता है।