विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बीआर कांबोज ने कहा कि विश्वविद्यालय ने विभिन्न फसलों, फलों, सब्जियों, तिलहनों, चारा आदि की 284 उन्नत किस्में विकसित करके किसानों को दी है ताकि वे अधिक उत्पादन लेकर ज्यादा लाभ प्राप्त कर सकें। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय ने हाल ही में बाजरे, ज्वार, गेहूं व सरसों की नई-नई किस्में विकसित की हैं व मोटा अनाज वाली फसलों पर भी शोध कार्य चल रहा है। विश्वविद्यालय ने एग्री-बिजनेस इक्यूबेशन सेंटर के माध्यम से अब तक 100 से अधिक स्टार्टएप्स तैयार किए हैं।
इसके अलावा विश्वविद्यालय ने इस वर्ष 18500 क्विंटल उच्च गुणवत्ता वाली किस्मों का बीज उपलब्ध करवाया है। विश्वविद्यालय की ओर से कुल 60 पेटेंट आवेदन किए हैं, जिनमें से 20 को स्वीकृति भी मिल चुकी है। इस अवसर पर विधायक विनोद भयाना, विधायक जोगीराम सिहाग, विधायक लक्ष्मण नापा, हरियाणा सार्वजनिक उपक्रम ब्यूरो के अध्यक्ष सुभाष बराला, हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड के चेयरमेन आदित्य देवीलाल, कृषि विभाग के प्रधान सचिव विजयेन्द्र कुमार, कृषि विभाग के निदेशक डॉ. नरहरि सिंह बांगड मौजूद रहे।
प्रगतिशील किसानों को किया सम्मानित
मुख्यमंत्री ने कृषि के क्षेत्र में श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले प्रदेश के 20 प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया। समारोह में यमुनानगर जिले से गुलाब सिंह व सुखविंदर सिंह, सोनीपत जिले से जसबीर, कुरुक्षेत्र जिले से अनिल, परविंदर व सुरेश, मेवात जिले से समसु, अंबाला जिले से मेवा सिंह, कैथल जिले से निर्मल व मनीष कुमार, झज्जर जिले से रमेश व विनय कुमार, रोहतक जिले से नरेन्द्र, पंचकुला जिले से ओमप्रकाश, पलवल जिले से लेखी व बलराम, रेवाड़ी जिले से अमर, फरीदाबाद से रामकरण व सुशील चंद और भिवानी जिले से अमित कुमार।
मेले में निकाला लकी ड्रॉ
इस दौरान मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने लकी ड्रॉ भी निकाला। लकी ड्रॉ के माध्यम से किसानों को कुल 16 लाख रुपये इनाम दिए गए। इनमें सबसे बड़ा बंपर इनाम ट्रैक्टर जींद स्थित गांव मोहलखेड़ा निवासी भरत सिंह को मिला। पहला इनाम छोटा ट्रैक्टर फतेहाबाद स्थित गांव किरढान निवासी अजीत सिंह, दूसरा इनाम लैंड लेवलर फतेहाबाद स्थित गांव टिब्बी निवासी सुरजीत, तीसरा इनाम सुपर सीडर बठिंडा के गांव गंगा अबलू की निवासी गुरपिंदर सिंह और चौथा इनाम पावर वीडर जींद के गांव दादौड़ी निवासी अंकित को दिए गए। दो इनाम फतेहाबाद के किसानों को मिलने पर मुख्यमंत्री ने मजाकिया लहजे में कहा कि क्या कोई सेटिंग है।
मेले में हरियाणा व पड़ोसी राज्यों से करीब 2 लाख किसान आए
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बीआर काम्बोज बताया कि मेले में हरियाणा सहित पड़ोसी राज्यों से करीब 2 लाख किसान शामिल हुए। इस दौरान किसानों ने करीब 2.02 करोड़ रुपये के रबी फसलों व सब्जियों की उन्नत व सिफारिशशुदा किस्मों के प्रमाणित बीज खरीदे। इसके अलावा करीब 70 हजार रुपये के फलदार पौधे व सब्जियों के बीज भी खरीदे। इसके अलावा किसानों ने 1.91 लाख रुपये के जैव उर्वरक और 97 हजार रुपये का कृषि साहित्य भी खरीदा। विस्तार शिक्षा निदेशक डॉ. बलवान सिंह मंडल ने बताया कि मेला स्थल पर किसानों ने विश्वविद्यालय की ओर से मिट्टी व पानी जांच के लिए की गई व्यवस्था का भी लाभ उठाया और उन्होंने कुल 900 नमूने टेस्ट करवाए।
तीन पुस्तकों का किया विमोचन
मेले के समापन समारोह में मुख्यमंत्री विश्वविद्यालय की तरफ से संकलित तीन पुस्तकों का विमोचन किया। यह सभी पुस्तक कृषि व किसान उत्थान को लेकर लिखी गई हैं। इन पुस्तकों में कृषि बागवानी प्राकृतिक खेती फसल उत्पादन बिक्री समेत नवीनतम कृषि तकनीक एवं प्रौद्योगिकी की जानकारी जुटाई गई है ताकि किसान घर बैठे हर प्रकार की जानकारी हासिल कर सके।