हिसार। पूर्व केंद्रीय बीरेंद्र सिंह की आदमपुर में आयोजित जनसभा में लगे पोस्टर से भाजपा गायब दिखी। बीरेंद्र सिंह ने कहा कि चुनावी राजनीति नहीं करूंगा, लेकिन राजनीति करूंगा। उन्होंने कहा कि यह भाजपा का कार्यक्रम नहीं है। यह बीरेंद्र के साथी नाम से बने हमारे संगठन का कार्यक्रम है। 23 जनवरी 2023 को जींद में एक लाख लोगों को इकट्ठा करेंगे।
जनसभा के बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि केवल परिवारवाद की राजनीति नहीं होनी चाहिए, जो लोग सामाजिक जीवन में हैं उन परिवारों को लोग पसंद कर रहे हैं। राजनीति में परिवर्तन करने के लिए नए हल तलाशने का प्रयास करेंगे। अब तक जो दल सत्ता में आए उन सभी ने भ्रष्टाचार, गरीब को हटाने का प्रयास किया, लेकिन पूरी सफलता नहीं मिल सकी। आम आदमी पार्टी ने पंजाब में चुनाव जीता तो माहौल बना था। हर व्यक्ति उसकी बात कर रहा था। पंजाब की सरकार का एक साल पूरा होने के बाद पता लगेगा कि जनता की उम्मीदों पर कितना खरा उतरे। एसवाईएल की समस्या का समाधान किया जाना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर भी समाधान क्यों नहीं हो रहा। भाजपा, जजपा, आम आदमी पार्टी सभी को मिलकर इसके लिए प्रयास करने चाहिए।
एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि मैं भाजपा में हूं। आदमपुर में पहले टिकट तो मिलने दो। टिकट मिलने के बाद पूछना कि किसे समर्थन करूंगा। कुलदीप बिश्नोई के राजनीतिक जीवन में पिता का साया काम तो आया लेकिन उनको स्थिर कर दिया। चौधरी भजनलाल का बड़ा स्टेटस रहा है। उनकी तीसरी पीढ़ी भी चुनाव लड़ चुकी है। बीरेंद्र सिंह ने कहा कि देश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर 300 से अधिक एमपी जीते। एमपी अपने व्यक्तित्व के बजाय पीएम के नेतृत्व से जीते। देश में राष्ट्रवाद को लेकर उनका बड़ा नाम है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि किलोई में पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा का एक छत्र राज है, कोई माने या न माने।