शहर में बिजली के खंभे मुफ्त में अपना प्रचार करवाने वालों के लिए अच्छे साधन साबित हो रहे हैं। ऐसे लोगों को शहर में जहां भी खंभे के दिखते हैं, वहीं अपना पोस्टर या होर्डिंग टांग देते हैं। फिलहाल शहर में जगह-जगह खंभों पर पोस्टर व होर्डिंग लगे हैं। इससे न सिर्फ नगर निगम को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है, बल्कि इससे शहर की सुंदरता भी खराब हो रही है। इसके बावजूद अधिकारी मौन हैं।
बता दें कि नगर निगम की तरफ से प्रचार व बधाई संदेश आदि के होर्डिंग लगाने के लिए 38 जगह सुनिश्चित की गई हैं। हालांकि इन जगहों पर होर्डिंग लगाने के नाम निगम एक निर्धारित फीस लेता है। फिलहाल निगम ने इन जगहों को ठेके पर दिया हुआ है। वर्तमान में इनमें से 14 जगह ठेके पर दे रखी हैं। अगर कोई व्यक्ति या संस्था इन जगहों पर पोस्टर या होर्डिंग लगवाना चाहता है तो उसे ठेकेदार को इसके एवज में भुगतान करना होगा। मगर रुपये बचाने के लिए मुफ्तखोर ऐसे हथकंडे अपनाते हैं।
सत्ताधारी पार्टी के भी लगे होर्डिंग
बिजली के खंभों पर व्यक्ति विशेष व संगठन के अलावा सत्ताधारी पार्टी के भी होर्डिंग लगे हुए हैं। अभी हाल में सत्ताधारी पार्टी के एक बड़े नेता का शहर में स्वागत किया गया था। ऐसे में पार्टी नेताओं व कार्यकर्ताओं की तरफ से पूरे शहर को बधाई संदेश के होर्डिंग से पाट दिया था। ये होर्डिंग्स अवैध रूप से चौक-चौराहों व बिजली के खंभों पर लगाए गए थे। इनमें से काफी संख्या में होर्डिंग आज भी लगे हुए हैं।
खुद मंत्री ने अपने होर्डिंग उतारने का दिया था आदेश
कुछ दिनों पहले निकाय मंत्री डॉ. कमल गुप्ता शहर का दौरा कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने नागोरी गेट चौक पर खुद के नाम का होर्डिंग लगा देखा तो तुरंत उसे उतरवा दिया था। साथ ही अधिकारियों को आदेश दिया था कि भविष्य में किसी चौक-चौराहे पर अवैध होर्डिंग नजर नहीं आने चाहिए।
तहबाजारी टीम मार्केट में व्यवस्था बनाने में लगी हुई है। कर्मचारी देर शाम तक ड्यूटी कर रहे हैं। फिर भी शहर में कहीं अवैध होर्डिंग लगे हैं तो इन्हें उतरवा दिया जाएगा।
- ऋत्विक, जेई, नगर निगम