हिसार। एजेंसी ने बुधवार से शहर के 10 वार्डों से घरों से कचरा एकत्रित करना बंद कर दिया। एजेंसी के इस फैसले से घबराए निगम अधिकारियों ने कचरा निस्तारण प्लांट के लिए जमीन तलाशने की प्रक्रिया तेज कर दी। इसके तहत अधिकारियों ने प्लांट के लिए दो जगहों का निरीक्षण किया। उधर, एजेंसी का विरोध लंबा चला तो निगम अपनी गाड़ियों की मदद से कचरा एकत्रित करने की योजना तैयार रहा है।
बता दें कि नगर निगम ने 1 से 10 वार्ड में घरों से कचरा उठान का कार्य एजेंसी को दिया हुआ है। एजेंसी की ढाई माह की करीब 1 करोड़ रुपये की राशि अटकी पड़ी है। एजेंसी की मानें तो इस कारण से वह लेबर को वेतन नहीं दे पा रहे हैं। साथ ही पेट्रोल पंप ने तेल देने से मना कर दिया है। एजेंसी के मुताबिक उन्होंने निगम प्रशासन से सिर्फ लेबर व पेट्रोल पंप की बकाया राशि का भुगतान करने को कहा, लेकिन निगम ने उससे भी इंकार कर दिया। निगम ने उनकी भुगतान राशि इसलिए रोकी है, क्योंकि वह कचरे का निस्तारण नहीं कर रहे हैं, जबकि निस्तारण के लिए प्लांट लगाने को लेकर जमीन निगम को ही उपलब्ध करवानी है, जो अभी तक उपलब्ध नहीं करवाई गई है।
10 वार्डों से निकलता है रोज 80 टन कचरा
वार्ड 1 से 10 में घरों से प्रतिदिन 80 टन कचरा निकलता है। एजेंसी को न सिर्फ इस कचरे का उठान करना है, बल्कि उस कचरे का सेग्रीगेशन कर उसका निपटान भी करना है। कचरे के निस्तारण के लिए निगम ने वार्ड 11 में नेशनल हाईवे के किनारे खाली पड़ी जगह का चयन किया था। मगर जैसे ही निगम ने इस जगह की चहारदीवारी का निर्माण शुरू किया तो वार्ड के लोगों ने इसका विरोध कर दिया और काम को रुकवा दिया था। इसके बाद निगम प्रशासन, मेयर, विधायक व वार्ड के लोगों के बीच हुई बैठक में निगम ने इस जगह पर कचरा निस्तारण प्लांट लगाने के फैसले को रद्द कर दिया था। इस वजह से एजेंसी अभी तक कचरा निस्तारण प्लांट नहीं लगा सकी है, जिससे अभी तक एकत्रित किए जाने वाले कचरा का पूरी तरह से निस्तारण भी नहीं हो रहा है।
जरूरत पड़ी तो ये होगी व्यवस्था
अगर एजेंसी लंबे समय तक कचरे का उठान नहीं करती है तो निगम अपनी गाड़ियों से इन वार्डों से कचरे का उठान करवाएगा। निगम की स्वच्छता शाखा के मुताबिक फिलहाल 11 से 20 वार्ड में 44 टाटा एस गाड़ियां घरों से कचरा उठा रही है। जरूरत पड़ी तो इनमें से 20 गाड़ियों को वार्ड 1 से 10 में लगा दिया जाएगा। इसके अलावा निगम के पास 30 ट्रैक्टर-ट्रॉली हैं। इनमें से 10 से 15 ट्रैक्टर-ट्रॉली को एजेंसी के वार्डों में चलाया जाएगा।
दो दिन की हड़ताल के बाद सफाई शुरू
उधर, निगम सफाई कर्मचारियों की दो दिन तक चली हड़ताल के बाद बुधवार से शहर में सफाई का काम शुरू किया गया। इस दौरान जेसीबी की मदद से डंपिंग प्वाइंटों पर लगे कचरे के ढेरों का उठान किया गया। हालांकि सभी जगहों से कचरे का उठान नहीं हो सका। निगम अधिकारियों की मानें तो जो डंपिंग प्वाइंट रह गए हैं, वहां से वीरवार को कचरा उठवाया जाएगा। बता दें कि पहले रविवार और बाद में दो दिन की हड़ताल के कारण शहर में तीन दिन का करीब 300 टन कचरा एकत्रित हो गया था।