हिसार। व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से रोडवेज फ्लाइंग की सूचना शेयर किए जाने के मामले में 50 पेजों की फाइल सिरसा से हिसार रोडवेज महाप्रबंधक राहुल मित्तल के पास पहुंच चुकी है। जीएम ने कहा कि यदि जांच में हिसार डिपो का कोई भी परिचालक दोषी पाया जाता है तो उसे बक्शा नहीं जाएगा। रोडवेज की ओर से सख्त कार्रवाई की जाएगी। फाइल में परिचालकों की ओर से ग्रुपों में चेट की पूर्ण जानकारी दर्ज है।
बता दें, कि 15 जुलाई को सिरसा रोडवेज महाप्रबंधक केआर कौशल ने व्हाट्सएप ग्रुपों में फ्लाइंग की सूचना देने वाले परिचालकों के एक गिरोह का भंडाफोड़ किया था। इन ग्रुप में हिसार और फतेहाबाद डिपो के परिचालक भी बताए जा रहे हैं। रोडवेज महाप्रबंधक के पास फाइल आने के बाद अब चेट के नंबर का पता लगाया जा रहा है कि यह नंबर किस परिचालक का है। महाप्रबंधक ने संबंधित विभाग के अधिकारियों को आदेश दिए हैं कि इस मामले में जल्द से जल्द रिपोर्ट तैयार कर मुझे दें।
कोविड-19 और भाई-भाई के नाम से बना रखे हैं ग्रुप
कोविड-19 और भाई-भाई के नाम से बनाए ग्रुप में लंबे समय से परिवहन विभाग को परिचालकों की ओर से चूना लगाया जा रहा था। व्हाट्सएप ग्रुप में संदेश की जांच करने के बाद परिचालक यात्रियों से टिकट का किराया लेकर या तो उन्हें टिकट नहीं देते थे या फिर उनसे आधा किराया लेकर उन्हें बस से उतार देते थे। परिचालक झोटा होने और मौसम साफ होने का संदेश डालकर अपने साथियों को फ्लाइंग की सूचना देते थे।
मेरे पास फाइल आने के बाद जांच शुरू करवा दी गई है। चेट नंबर पर फोन कर पता किया जाएगा कि किस परिचालक का नंबर है। दोषी पाए जाने वाले परिचालक को छोड़ा नहीं जाएगा। अभी जांच चल रही है। - राहुल मित्तल, महाप्रबंधक, रोडवेज