हिसार। सीआईए टीम ने खरड़-अलीपुर मार्ग से 8 पिस्तौल के साथ गिरफ्तार किए भिवानी के ओबरा गांव निवासी सोनू और बैराण निवासी कुलदीप को वीरवार अदालत में पेश किया। जहां से आरोपी सोनू को पांच दिन के रिमांड पर लिया है, जबकि कुलदीप को जेल भेज दिया। पूछताछ के दौरान खुलासा हुआ कि दोनों आरोपी कुछ दिन पहले एक अन्य केस में जमानत पर जेल से बाहर आए थे। दोनों का मकसद केस दर्ज करवाने वालों को सबक सिखाना व दहशत पैदा करना था।
सीआईए प्रभारी निरीक्षक प्रशांत ने बताया कि पुलिस टीम गश्त के दौरान खरड़ अलीपुर-मय्यड़ मार्ग पर मौजूद थी। इसी दौरान एक काले रंग की बाइक पर दो युवक आए और पुलिस को देख वापस जाने लगे। इस दौरान उनकी बाइक बंद हो गई। शक के आधार पर पुलिस ने दोनों की तलाशी ली तो उनके पास 8 पिस्तौल और चार कारतूस बरामद हुए थे। पूछताछ के दौरान कुलदीप और सोनू ने बताया कि 15 दिन पहले मध्यप्रदेश से 2 लाख रुपये में अवैध पिस्तौल खरीदकर लाए थे। आरोपी सोनू हत्या और कुलदीप दुष्कर्म के मामले में भिवानी जेल में बंद थे। वही इनकी दोस्ती हुई। सोनू ने 2014 में अपने ही गांव के एक युवक की हत्या की थी। दोनों आरोपी माननीय उच्च न्यायालय से जमानत पर रिहा थे।
-
आरोपी सोनू को अदालत में पेश कर 5 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है। हथियारों की खेप कहां से आई और कहां पर खपाने की तैयारी थी। मामले में आखिरी कड़ी तक जाएंगे। अवैध हथियार रखने वालों के खिलाफ अभियान चलाया हुआ है। इस साल अभी तक 60 केस दर्ज कर 75 आरोपियों को गिरफ्तार कर 60 पिस्तौल, 103 कारतूस और 5 मैगजीन बरामद कर चुके हैं। -
दीपक सहारण, पुलिस अधीक्षक, हिसार