हिसार। लोकतंत्र के महापर्व में सहभागिता के लिए बुजुर्ग और दिव्यांग मतदाताओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। बुजुर्ग सुबह सात बजने के साथ ही मतदान केंद्रों पर पहुंचना शुरू हो गए थे और यह सिलसिला शाम तक चलता रहा। कोई बैसाखी और लाठी के सहारे तो कोई परिजन के कंधे का सहारा लेकर वोट देने पहुंचा। मतदान केंद्रों पर व्हीलचेयर की व्यवस्था की गई थी। वहां तैनात कर्मचारियों की मदद से परिजन बुजुर्ग को बूथ के अंदर ले गए और मतदान करवाया। कोई बेटा अपने पिता को रिक्शा तो कोई मोटर साइकिल पर बैठाकर मतदान के लिए लाया। इस उम्र में अकेले चलना मुश्किल है।
मैं बेटे कैलाश को साथ लेकर वोट डालने आया हूं। भीड़ न होने के कारण इंतजार नहीं करना पड़ा। आने वाली सरकार से उम्मीद है कि वे आमजन को सभी प्रकार की मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाएगी। - शेर सिंह, उम्र 70 साल, शिवा कॉलोनी निवासी।
मैं अस्पताल में दाखिल थी। इसके बाद भी मतदान करने के लिए बेटे संतलाल के साथ सैनी हाई स्कूल पहुंची। मतदान करने में कोई परेशानी नहीं हुई। बड़े-बुजुर्गाें को कोई ले आता है तो मतदान हो जाता है। - चंद्रपति, उम्र 70 साल, सैनियान मोहल्ला निवासी
जो विकास करवाएं, उसी की सरकार बनना ठीक है। मैं पुत्रवधू आशा के साथ वोट डालने आई हूं। सैनी हाई स्कूल में बुजुर्गों के लिए व्यवस्था ठीक की हुई थी। - रतनी, उम्र 75, पुरानी सब्जी मंडी चौक निवासी।
पंजाबी धर्मशाला में बुजुर्ग मतदाताओं के लिए व्हीलचेयर की सुविधा थी। भावी सरकार से उम्मीद है कि खासतौर पर बुजुर्गों के हित के लिए कदम उठाएगी। सरकार से पेंशन बढ़ाने की उम्मीद है। अपने पौत्र दीपांशु के साथ वोट डालने आई हूं।
- लाजवंती, उम्र 77 साल, उदयपुरियान मोहल्ला निवासी।