हिसार। राज्यमंत्री अनूप धानक के पैतृक गांव राजली का बारिश के बाद बुरा हाल है। बारिश का पानी घरों से खेतों में भरा है। इससे ग्रामीणों को महामारी फैलने का डर सता रहा है। लोग घरों में पानी में चारपाई डालकर सोने को मजबूर हैं। मकानों में दरारें आ चुकी हैं। उनका कहना है कि फसलें भी बर्बाद हो चुकी हैं। ऐसे में गांव में रहकर क्या करेंगे। कई परिवार पलायन को मजबूर हैं। रविवार को राजली गांव के लोगों ने जिला प्रशासन व सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया।
राजली निवासी सरदानंद राजली ने बताया कि हमारे गांव के लड़कियों व लड़कों के सरकारी स्कूलों में पिछले तीन महीनों से पानी भरा पड़ा है। विद्यार्थी स्कूल जाने से डरते हैं क्योंकि पानी इतना ज्यादा है कि डूबने का खतरा बना हुआ है। स्कूल के प्रांगण और खेल के ग्राउंड में पानी भरा पड़ा है। वहीं गांव के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के गेट के सामने दो महीने से पानी भरा है। ऐसे में विद्यार्थी व अध्यापक दीवार कूदकर स्कूल में प्रवेश करते हैं।
जुगबीर, नवदीप बूरा, नत्थू राम, डॉ. राजेश, कृष्ण निंबड़ियां, मास्टर रोशन लाल, मास्टर मनीम, रवि निंबड़िया, सलीम सुलखनी, बिंद्र, अशोक, बलवान, सुनील, सचिन, दिलबाग, सचिन, रत्ति राम, लीलाराम, अंकुश, जगदीश चंद्र, दिनेश, जयबीर, बंशी, अमन, परमेश्वरी, राजो, भागो, सुशीला, सुमन, बबली, शांति, लक्ष्मी, रमलू ने बताया कि जोहड़ का पानी घरों में भरने से जहरीले कीड़े, सांप और बिच्छु घरों में रेंगते रहते हैं। राज्यमंत्री का गांव होने के बाद भी यहां के हालात बदतर हैं। राज्यमंत्री अपने गांव का ही स्थायी समाधान नहीं करवा पाए हैं। करीब 35 ढाणियों व खेतों में जलभराव है। जिला प्रशासन को चेतावनी दी है कि अगर स्थायी समाधान नहीं कराया तो बड़ा आंदोलन करेंगे। मजबूरन ग्रामीण डीसी कार्यालय के बाहर अनिश्चिकालीन धरना शुरू करेंगे।
हिसार। राजली गांव के घर में घुसा हुआ बारिश का पानी। संवाद- फोटो : Hisar
हिसार। राजली गांव में घर के अंदर घुसे पानी के अंदर चारपाई पर सोते बच्चे।- फोटो : Hisar