सिवानी मंडी। शनिवार सुबह 4 बजे से लेकर 5:30 बजे तक हुई 25 एमएम बारिश से सिवानी शहर जलमग्न हो गया। बेमौसम बारिश से जहां किसानों के चेहरे खिल गए हैं। अनाज मंडी खुले में पड़ी सरसों की फसल की ढेरिया पानी से भीग गई। शहर से गांव की आबादी को जोड़ने वाले अधिकांश सड़कों ने तालाब का रूप धारण कर लिया। निचले इलाकों में पानी लोगों के घरों और दुकानों में प्रवेश कर गया। सरकारी कार्यालयों में भी पानी घुस गया। अनाज मंडी में खुले में पड़ी 500 क्विंटल सरसों खराब हो गई है।
शनिवार अलसुबह ही बरसात शुरू हो गई थी। बरसात की वजह से शहर का आधा से अधिक हिस्सा पूरी तरह से जलमग्न हो गया। पुराना बस अड्डा से परशुराम चौक, सब्जी मंडी गली, शनि मंदिर वाली गली, पशु अस्पताल परिसर, अनाज मंडी और पुराने जलघर के अलावा गुरेरा रोड व मोड़ से थाना रोड तक जाने वाले लोगों को पानी भरने से परेशानी हुई। उपमंडल परिसर, स्थानीय विश्राम गृह, पशु अस्पताल, राजकीय मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल का खेल मैदान में भी पानी भर गया। सरदार गुरमेज सिंह, सतीश कुमार, जय भगवान, रोहतास, सुरेंद्र, जगदीश का कहना है कि बिना मानसनू के ही उन्हें हर बार इस तरह से भयंकर जलभराव का सामना करना पड़ा है। स्कूल जाने वाले बच्चों को भी इस पानी में से होकर गुजरना पड़ा। जिस कारण कई जगह गड्ढे होने से गिर जाने से बच्चे चोटिल भी हुए हैं। मामूली सी बरसात से परशुराम चौक, शनि मंदिर, हिसार राजगढ़ रोड, सब्जी वाली गली तो पूरी तरह से बंद हो जाती है। बारिश आते ही जन स्वास्थ्य अभियंत्रिकी विभाग के कर्मचारियों ने निकासी का काम शुरू कर दिया था।
वर्जन.
कर्मचारी लगातार पानी निकासी के प्रयास कर रहे हैं। देर शाम तक शहर में जमा बारिश का पानी निकाल दिया जाएगा। शहर के मुख्य बाजार के दोनों तरफ बने नाले की लंबे समय से सफाई न होने के कारण पानी की निकासी में समय लगता है। अपने घरों का कूड़ा व पशुओं का गोबर नालियों में न डाले क्योंकि कूड़ा गोबर नालियों में जाने से सीवर लाइन जाम होती है
दीपक मलिक, कनिष्ठ अभियंता, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, सिवानी
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अनाज मंडी में फिलहाल 22 हजार क्विंटल सरसों का उठान होना बाकी है। उठान भी चल रहा है। इसके अलावा भीगी हुई सरसों का आंकलन किया जा रहा है। एक अनुमान के मुताबिक 500 क्विंटल के लगभग सरसों की फसल खराब होने का अनुमान लगाया जा रहा है। हमारा प्रयास है कि जल्द से जल्द सरसों का उठान कराया जाए। जो सरसों बारिश में भीगी है, उसकी फिर से झराई के बाद भराई कराई जाएगी।
-राम अवतार शर्मा, हैफड मैनेजर