सुलखनी में जलसंकट से परेशान महिलाएं नारेबाजी करती हुईं। संवाद
हिसार। गांव सुलखनी के नए बूस्टिंग स्टेशन से ऊंचे स्थान पर बने घरों में पेयजल आपूर्ति नहीं पहुंचने पर रविवार सुबह महिलाओं ने जलघर पर नारेबाजी की। ग्रामीणों ने कहा कि मंगलवार को इस मामले में डीसी और जलापूर्ति विभाग के अधिकारियों से मुलाकात करेंगे। इसके बाद भी समाधान नहीं हुआ तो जलघर पर पक्का मोर्चा लगाएंगे। बाद में सरपंच प्रतिनिधि के आश्वासन पर प्रदर्शनकारी शांत हुए।
गौरतलब है कि सुलखनी गांव में जलापूर्ति विभाग ने लाखों रुपये खर्च करके गांव के बस स्टैंड के पास बूस्टिंग स्टेशन बनाया है। ग्रामीणों ने कहा कि बूस्टिंग स्टेशन शोपीस बनकर रह गया है। अभी तक उनके घरों में पानी की एक बूंद तक नहीं पहुंची। ग्रामीण मदनलाल जांगड़ा, लीलू राम, कपिल ने आरोप लगाया कि अधिकारियों को पानी किल्लत की जानकारी है फिर भी समाधान नहीं करवाया जा रहा है।
मौके पर नहीं पहुंचा कोई अधिकारी
जलघर पर ताला जड़ने की सूचना पर जलापूर्ति विभाग का कोई भी अधिकारी सुलखनी नहीं पहुंचा। इस दौरान महिलाएं दूषित पानी की एक बोतल लेकर पहुंची और नारेबाजी की। महिलाओं का आरोप है कि जब वह जलघर पहुंची तो वहां मौजूद कर्मचारियों ने तू तड़ाक से बात की। हालांकि सरपंच प्रतिनिधि विकास रेलन ने महिलाओं और ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि मंगलवार को ट्रैक्टर-ट्रॉली भरकर डीसी दफ्तर जाएंगे और समाधान का प्रयास करेंगे।