हांसी। पुलिस ने सिसाय पुल स्थित श्री लक्ष्मण चौतरा मंदिर परिसर की दीवार व गेट को गिरा दिया। मंदिर संचालक का आरोप है कि कोर्ट से स्टे के बावजूद पुलिस जमीन पर कब्जा लेने पहुंच गई। वहीं पुलिस प्रशासन का कहना है कि जमीन की रजिस्ट्री पुलिस के नाम है। कब्जा कार्रवाई करने तक पुलिस के पास कोर्ट का स्टे नहीं आया था। मंदिर परिसर की 300 गज जमीन को लेकर मंदिर प्रबंधन व पुलिस प्रशासन के बीच विवाद चल रहा है।
मंदिर के संचालक राघव बावा ने बताया कि मंदिर परिसर की जमीन पर कोर्ट के स्टे लगाने के बावजूद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए इसकी जमीन पर कब्जा करने का प्रयास किया है और पुलिस ने जेसीबी से मंदिर परिसर में गेट, दीवार व शेड को गिरा दिया। आरोप है कि पुलिस ने इस कब्जा कार्रवाई के लिए मंदिर प्रशासन को कोई लिखित में नोटिस नहीं दिया। हालांकि पुलिस बिना कोई कब्जा लेकर वहां से लौट गई। उन्होंने कहा कि इस बारे में वह गृहमंत्री अनिल विज से मिलेंगे। जल्दी ही सर्व समाज की मीटिंग बुलाई जाएगी।
जमीन पर चल रहा है विवाद
13 वर्ष पूर्व 300 गज जमीन पुलिस चौकी बनाने के लिए दी थी गया था। अब मंदिर प्रमुख राघव बावा की तरफ से जमीन वापस लेने के लिए कोर्ट में याचिका डाली गई थी। कोर्ट में पुलिस की तरफ से दायर हलफनामा में कहा कि कब्जा पुलिस के पास है। मंदिर प्रबंधन की मानें तो गलत हलफनामा देकर पुलिस ने कोर्ट को भी गुमराह किया।
वर्जन
कोर्ट ने ढाई बजे स्टे लगाकर एसएचओ व सिसाय पुल चौकी को नोटिस दिया था। मगर उन्होंने अधिकारियों के आदेश पर कोर्ट के आदेश की अवमानना करते हुए वहां पर कार्रवाई की।
- आशुतोष अरोड़ा, वकील
इस मामले में एसडीएम ने जनस्वास्थ्य विभाग के एसडीओ आशीष कुंडु को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया था। मगर सुबह ड्यूटी पर न आने पर इस मामले में एसडीएम ने तुरंत ही दूसरा ड्यूटी मजिस्ट्रेट मार्केटिंग बोर्ड के एसडीओ को नियुक्त किया। सिटी एसएचओ व सिसाय पुल चौकी इंचार्ज कोर्ट में पेश न होकर चौकी में ही बैठे रहे। बाद में डीएसपी धीरज कुमार व ड्यूटी मजिस्ट्रेट मार्केटिंग बोर्ड के एसडीओ की मौजूदगी में कार्रवाई की गई।
न पटवारी, न कानूनगो, न जमीन की पैमाइश मौके पर
मंदिन प्रबंधन की मानें तो कब्जा कार्रवाई के दौरान वहां न तो पटवारी, न ही कानूनगो और न ही तहसीलदार उपस्थित था। पुलिस अधिकारियों को इस मामले में जानकारी नहीं थी कि कितनी जमीन पर कब्जा लेना है। न ही पुलिस के पास इस जमीन से संबंधित कोई दस्तावेज, नक्शा मौके पर था।
वर्जन
जमीन की रजिस्ट्री पुलिस के नाम है। कब्जा कार्रवाई करने तक पुलिस के पास कोर्ट का स्टे नहीं आया था। जिस जगह पर कब्जा कार्रवाई की गई है, वहां मंदिर नहीं है।
-जिला पुलिस प्रवक्ता सुभाष शर्मा।