हांसी। सीएचसी सोरखी में स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह से चरमराई हुई हैं। इस सीएचसी में चिकित्सकों के स्वीकृत सात पदों में से छह खाली हैं। रिक्त पदों को भरने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने मंगलवार को अस्पताल परिसर में प्रदर्शन किया।
गांव के सरपंच रामचन्द्र, सत्यवान, संदीप, जोरा सिंह, प्रकाश, दलबीर फौजी व मनोज आदि ग्रामीणों ने बताया कि सीएचसी में समस्याओं का अंबार है। विधायक विनोद भयाना व स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारी को भी सूचित किया जा चुका है, मगर मामला जस का तस बना हुआ है। ग्रामीणों ने कहा कि अगर डॉक्टर नहीं नियुक्त कर सकते तो सीएचसी पर तालाबंदी करवा दें। ग्रामीणों ने बताया कि पर्ची काउंटर पर भी स्टाफ सुबह साढ़े नौ बजे के बाद ही आते हैं। इस सीएचसी में नियुक्त डॉ. ओमप्रकाश ने बताया कि इमरजेंसी सुविधा को चालू रखने के लिए आस पास के अन्य अस्पताल के डॉक्टरों की ड्यूटी लगाई जाती है।
प्राइवेट अस्पताल जाने की मजबूरी
कांग्रेस पार्टी के नेता प्रेम सिंह मलिक के नेतृत्व में प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने बताया कि सीएचसी पर तैनात एक चिकित्सक भी समय पर नहीं आते और न ही दवाइयां मिलती हैं। मजबूरन उन्हें प्राइवेट अस्पताल का रुख करना पड़ता है। लंबे समय से यहां डॉक्टरों की कमी बनी हुई हैं। प्रेम सिंह मलिक ने अस्पताल की बदहाली के लिए क्षेत्र के जन प्रतिनिधियों को दोषी ठहराया।
हर दिन 100 से अधिक आते हैं मरीज
केवल एक डॉक्टर के सहारे चल रही सीएचसी सोरखी की ओपीडी में हर दिन 100 से अधिक मरीज आते हैं। डाक्टरों की कमी के कारण मरीजों को बेहतर इलाज नहीं मिलता। सुबह ओपीडी के समय यहां भीड़ अधिक रहती है।
डॉक्टरों की कमी से विभागीय अफसर अवगत हैं। जो दवाइयां उपलब्ध हैं, वह मरीजों को जरूरत के अनुसार दी जा रही हैं। कुछ दवाएं खत्म हुई है, जिसके लिए डिमांड भेजा गया है।
-डॉ. कामिद मोंगा, एसएमओ, सोरखी
स्वास्थ्य मंत्री को लिखा जाएगा पत्र : विधायक
हांसी के विधायक विनोद भयाना ने कहा कि डॉक्टरों की कमी का मामला संज्ञान में नहीं है। स्वास्थ्य विभाग के अफसरों से जानकारी लेने के बाद स्वास्थ्य मंत्री से बात करेंगे। सीएचसी में मानक के अनुरूप स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने का प्रयास करेंगे।