मंत्री कमल गुप्ता को अपनी समस्याएं बताते ग्रामीण
- ग्रामीणों का आरोप : मंत्री समस्याओं का निवारण करने के बजाय सरकार का महिमामंडन करने आए
उकलाना मंडी। कैबिनेट मंत्री डॉ. कमल गुप्ता ने लोगों की समस्याओं के निवारण के लिए गांव बिठमड़ा, खैरी और दौलतपुर में जनसंवाद किया। गांव बिठमड़ा में जनसंवाद कार्यक्रम के दौरान समस्याओं का निवारण न होने को लेकर ग्रामीणों ने हंगामा कर दिया। मंत्री डॉ. कमल गुप्ता ने कहा कि एक आदमी एक ही समस्या बताए तो इस पर ग्रामिणों ने कहा कि केवल पांच से सात लोगों की समस्या सुनने का ही कार्यक्रम था।
वहीं गांव के मियां सिंह ने मंत्री से सवाल पूछा कि 2020 -21 के पुराने मुआवजे व गुलाबी सुंडी के कारण कपास की फसल का किसानों को जो नुकसान हुआ उसका मुआवजा बीमा कंपनियों द्वारा कब दिया जाएगा तो इस पर मंत्री ने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। वहीं किसान सतीश जांगड़ा ने कहा कि जो धान सरकारी रेट पर बिक रही है तो उसकी बोली करने का क्या सिस्टम है। मंत्री इसका भी संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। वहीं ग्रामीणों ने बताया कि उन्हें इस जनसंवाद के बारे में केवल तीन घंटे पहले ही सूचना मिलती है।
ये जनसंवाद कार्यक्रम न होकर सरकार की महिमामंडन का कार्यक्रम था। भारतीय किसान यूनियन के युवा प्रदेश उपाध्यक्ष सतीश बिठमड़ा ने कहा कि ये जनसंवाद कार्यक्रम ना होकर जनस्वाद कार्यक्रम बन कर रह गया। मंत्री ने लोगों की समस्या ना सुनकर सरकार की बात रखने का प्रयास किया। दरअसल यह चुनावी साल है सरकार के लोग हमारे बीच अपना प्रचार करने के लिए जा रहे हैं लेकिन लोगों में सरकार की गलत नीतियों विरोध किया मंत्री लोगों की समस्या न सुनने के बजाय उन पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे थे जिससे नाराज होकर सभी गांव के लोग कार्यक्रम छोड़कर चले गए।