हिसार बरी होने के बाद अपने अधिवक्ता के साथ अदालत से बाहर आते किसान नेता। स्रोत संवाद
हिसार। किसान आंदोलन के दौरान करीब आठ साल पहले राजली गांव के बस स्टैंड पर मुख्य मार्ग जाम करने के मामले में न्यायिक दंडाधिकारी सुनील कुमार की अदालत ने सोमवार को दो किसान नेताओं राजली निवासी कृष्ण और गुराना निवासी धर्मबीर उर्फ भीरा को बरी कर दिया है। वहीं दो किसान नेताओं मिर्चपुर निवासी प्रदीप प्रधान और मिलकपुर निवासी रणधीर को भगोड़ा घोषित कर दिया। इस बारे में बरवाला थाने में 21 जून, 2017 को हवलदार जयदीप सिंह की शिकायत पर प्रदीप प्रधान, कृष्ण, रणधीर और भीरा सहित 35-40 अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पुलिस ने चारों के खिलाफ अदालत में चालान पेश किए। अदालत के नोटिस पर कृष्ण और भीरा पेश हुए और जमानत करवाई। अन्य पेश नहीं हुए तो उन्हें भगोड़ा घोषित कर दिया गया। बचाव पक्ष के अधिवक्ता नवीन राजली ने बताया कि इस मामले में गवाही के दौरान जांच अधिकारी आरोपियों की न तो सही पहचान कर पाए और पुलिस का एक गवाह अपनी गवाही से मुकर गया। इसी आधार पर अदालत ने दोनों किसान नेताओं को बरी कर दिया।