सीसवाला गांव में हिसार सेक्टर 1-4 से सचिन अपने एक अन्य साथी के साथ फॉर्म भर रहा था। ग्रामीणों ने दोनों युवकों से आईडी और लेटर मांगा तो युवकों ने जो लेटर दिया उसमें शब्दों की काफी अशुद्धियां मिलीं। आईकार्ड पर लगे क्यूआर कोड स्कैन को पर कोई जानकारी नहीं मिली। जिस पर ग्रामीणों ने डायल 112 पर इसकी सूचना दी। ग्रामीणों ने बालसमंद पुलिस में लिखित में शिकायत देकर दोनों युवकों के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की है। युवक पिछले 38 दिनों से जिले के उकलाना, हिसार खंड के कई गांवों में फॉर्म भर चुके हैं। पिछले दो दिनों में आर्यनगर में 180 और रावलवास कलां में 174 फॉर्म भरे। औसतन रोजाना 150 फॉर्म व हिसार जिले से करीब 5800 फर्जी फॉर्म भरे जाने का अनुमान है। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रत्येक फॉर्म के लिए गए 70 रुपये के हिसाब से एक महीने में कुल 4 लाख से अधिक रुपये की राशि आमजन से फर्जी फॉर्म के नाम पर ठग चुके हैं। सोमवार को दोनों युवकों ने गांव रावलवास कलां में 50 हजार मुद्रा लोन के नाम से 31 फॉर्म भरे, उज्ज्वला योजना के नाम पर 75 फॉर्म भरे। सिलाई मशीन के नाम पर 68 फॉर्म भरे।
आर्य नगर सरपंच रत्न सिंह ने बताया कि दोनों युवकों ने रविवार को 180 ग्रामीणों से फार्म भरकर करीब 12 हजार से अधिक राशि ली है। पंचायत बुधवार को आजाद नगर पुलिस में शिकायत देकर पैसे लौटाने और उचित कार्रवाई की मांग करेगी।
ग्रामीण मंत्रालय ने फर्जी करार दिया
ग्राम सचिव ईश्वर सिंह ने भारत सरकार के ग्रामीण मंत्रालय कार्यालय में मोबाइल से जानकारी ली। तो वहां से पता चला कि ऐसी कोई योजना नहीं है ये लोग फर्जी हैं, इनकी पुलिस में शिकायत करो।
बीडीपीओ कार्यालय के हस्ताक्षर असली या नकली
सरकार की विभिन्न योजनाओं के प्रचार-प्रसार के लिए ये लोग अधिकारियों से भी जुड़े हैं। दोनों लोगों के पास हिसार बीडीपीओ कार्यालय से मोहर और साइन हैं। बड़ा सवाल यह है कि बीडीपीओ कार्यालय की यह मोहर हस्ताक्षर फर्जी हैं या असली?। अगर असली है तो साइन किसने किए?
ग्रामीणाें की शिकायत मिली है। जिसकी जांच कर रहे हैं। दो युवकों से पूछताछ की जा रही है। अभी केस दर्ज नहीं किया गया है।
-एएसआई ,सुरेंद्र सिंह, इंचार्ज, बालसमंद।
बीडीपीओ कार्यालय के हस्ताक्षर के बारे में जानकारी ली जाएगी। अगर कोई कर्मचारी-अधिकारी दोषी मिला तो कार्रवाई होगी।
-सुभाष चंद शर्मा , डीडीपीओ, हिसार।