हिसार। हरियाणा पर्यटन विभाग की ओर से आयोजित तीन दिवसीय हिसार उत्सव कार्यक्रम का रविवार को समापन हो गया है। इस कार्यक्रम मेें लगाया है कि हरियाणा विरासत हस्तशिल्प मेला अपनी अलग छाप छोड़ गया। इस कार्यक्रम में तीनों ने मशहूर हिंदी, हरियाणवी, पंजाबी व राजस्थानी कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियां दी। यह कार्यक्रम आयोजित करवाने का पर्यटक विभाग का मुख्य उद्देश्य लोक कला व परंपराओं की ओर युवाओं को प्रेरित करना था। तीन दिन चले कार्यक्रम में हजारों की संख्या में लोगों ने हरियाणवी, पंजाबी, राजस्थानी संस्कृति के जीवंत दर्शन किए व लोक परंपराओं से जुड़ी ही चीजों का देखा।
हस्तशिल्प मेले में लोगों ने हरियाणवी हस्तकला के 15 से अधिक क्राफ्ट स्टॉल के देखे। हरियाणा की पगड़ी पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनी। सभी मेहमानों, युवाओं एवं युवतियों ने पगड़ी बांधकर सेल्फी लीं। प्रदर्शनी में 300 साल पुराने ताले, 100 साल पुराने बाट, सत्तर साल पुरानी पशुओं के गले की घंटियां, ऊंट को बांधने के लिए प्रयोग में लाए जाने वाल न्योल, कुएं के डोल, पानी के लिए प्रयोग जाने वाली बाल्टियां आदि हजारों पर्यटकों ने देखी।
इसके साथ हरियाणवी चित्रकला प्रदर्शनी का भी पर्यटकों ने खूब आनंद लिया। अंजू द्वारा लगाई गई हरियाणवी लोक परिधान की प्रदर्शनी में हरियाणवी दामण, हरियाणवी चूंदड़ी, वायल, घाघरे भी पर्यटकों को आकर्षित करते रहे। मंगाली गांव की लकड़ी से बनी मालाएं, हाथ से बनी घर को सुसज्जित करने के लिए कपड़ों की विशेष आकृतियां, हाथ से बनाए गए आचार तथा घर की साज-सज्जा की विषय-वस्तुएं प्रदर्शनी का महत्वपूर्ण हिस्सा रही। हरियाणवी संस्कृति विशेषज्ञ एवं युवा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम विभाग के निदेशक डॉ. महासिंह पूनिया ने बताया कि इस प्रदर्शनी का उद्देश्य हरियाणा की लोक सांस्कृतिक परंपराओं एवं हरियाणा की हस्तकला को लोगों तक पहुंचाना था।
हरियाणा से विदेशों तक पहुंची हाथ से बनी फूलझड़ी एवं गुड्डे-गुड़िया
- हस्तकला प्रदर्शनी में गुड्डे-गुड़िया हरियाणा से चलकर ऑस्ट्रेलिया तथा अमेरिका तक पहुंच चुके हैं। विरासत की ओर से किए गए प्रयासों में ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न, एडिलेड एवं सिडनी में हरियाणा के हस्तकला के साथ-साथ गुड्डे एवं गुड़िया की प्रदर्शनी लगाई जा चुकी है। पर्यटन विभाग के निदेशक नीरज कुमार ने कहा कि पर्यटन विभाग का उद्देश्य है हिसार तथा आसपास के क्षेत्र का लोक कलात्मक स्वरूप पर्यटकों से जोड़ा जाए।