बरवाला। राजीव गांधी थर्मल पावर प्लांट खेदड़ में रविवार शाम को मजदूर की मौत के मामले को लेकर रात में ही कर्मचारी संगठनों ने गेट पर धरना शुरू कर दिया। शव रखकर शुरू हुए इस धरना में सुबह सभी कर्मचारी शामिल हुए। दोपहर बाद मृतक की पत्नी को नौकरी व परिवार को 20 लाख रुपये की आर्थिक मदद के आश्वासन पर बात बनी। 12 लाख रुपये खाते में ट्रांसफर होने के बाद शाम को धरना समाप्त हो गया।
गांव राखी शाहपुर निवासी 39 वर्षीय कुलदीप पर रविवार को मशीन गिर गई थी, जिसकी चोट से उसकी मौत हो गई। परिजन रात में ही शव लेकर थर्मल पावर प्लांट पहुंचे और धरने पर बैठ गए। सुबह इसमें कर्मचारी भी शामिल हो गए। मृतक कुलदीप के छोटे भाई संदीप की शिकायत पर पुलिस ने ठेकेदार कंपनी व पावर प्लांट के खिलाफ लापरवाही के चलते मौत (304 ए) का मुकदमा दर्ज कर लिया। भाई संदीप ने बताया कि वे दोनों ही राजीव गांधी थर्मल पावर प्लांट खेदड़ में करीब 5-6 साल से मैकेनिकल हेल्पर के पद पर काम कर रहे थे। रविवार को शाम 4 बजे कुलदीप अन्य सहयोगियों के साथ बीसीएन 8सी पर पुली शिफ्टिंग का काम कर रहा था। यह काम जैक से मशीन को उठाकर किया जाता है। इस काम के दौरान इंजीनियर मौके पर मौजूद रहते हैं। इस काम में अधिक मजदूर लगते हैं, लेकिन प्लांट में कम मजदूरों से काम से करवाया जा रहा था। संदीप का आरोप है कि थर्मल पावर प्लांट में जोखिम भरा कार्य अकुशल कर्मचारियों से बिना सुरक्षा मापदंडों का ध्यान रखते जबरदस्ती करवाया जाता है। हादसा होने पर प्लांट के अंदर प्राथमिक उपचार की भी कोई व्यवस्था नहीं है।
परिजनों व प्रबंधन के बीच हुई वार्ता
धरना दे रहे कर्मचारियों ने इस मामले में कोई भी निर्णय मृतक कर्मचारी के परिजनों की तरफ से ही लिए जाने के लिए अधिकृत किया था। दोपहर बाद पावर प्लांट प्रबंधन और मृतक के परिजनों के बीच कर्मचारी नेताओं की मौजूदगी में वार्ता हुई। इस दौरान सहमति बनी कि मृतक के परिजनों को 20 लाख रुपये मुआवजा दिया जाएगा। जिसमें से 12 लाख रुपये तत्काल खाते में ट्रांसफर कर दिए गए। शेष 8 लाख रुपये कुछ दिन बाद मिलेंगे। कुलदीप के पीएफ खाते में जमा राशि व सभी फंड भी जल्द परिजनों को उपलब्ध करा दिए जाएंगे। साथ ही कुलदीप की पत्नी को कौशल विकास के तहत नौकरी दी जाएगी। सहमति के बाद थर्मल गेट पर चल रहा धरना समाप्त हो गया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजन अंतिम संस्कार के लिए ले गए।