हिसार। रूस की माउंट एल्ब्रुस चोटी को फतह करना इतना आसान नहीं था। ऊंचाई के साथ-साथ आगे बढ़ने पर सिर्फ 10 मीटर ही दिखाई दे रहा था। माइनस 30 डिग्री तापमान में हाथ-पैर सुन्न पड़ रहे थे। 45 से 55 किमी. प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही हवा सीधी मुंह पर आने से खुद को संभाल पाना मुश्किल हो रहा था। लेकिन स्वतंत्रता दिवस पर चोटी पर देश का तिरंगा फहराने के जज्बे से मुश्किल राह पर आगे बढ़ने का हौसला मिला। खराब मौसम में चढ़ाई जारी रखी और 5642 मीटर चोटी पर सबसे पहले पहुंचकर तिरंगा फहराया।
यह कहना है हिसार के श्यामलाल बाग की पर्वतारोही रीना भट्टी का। रविवार को हिसार पहुंचने पर रीना का जिंदल पुल से उनके घर तक शहरवासियों ने विजयी जुलूस निकाला। इस दौरान जगह-जगह रीना भट्टी का फूल-मालाओं से स्वागत किया गया। पर्वतारोही रीना ने बताया कि 15 अगस्त को सुबह 5:43 बजे वेस्ट दिशा और 16 अगस्त को सुबह 4:23 बजे ईस्ट दिशा में तिरंगा फहराया है। रीना ने बताया कि उन्हें 15 अगस्त को दोनों दिशा में तिरंगा फहराना था। मगर मौसम ज्यादा खराब होने के कारण वह ईस्ट दिशा में एक दिन बाद तिरंगा फहरा पाई। उन्होंने दावा किया है कि ऐसा करने वाली वह इंडिया की पहली बेटी बन गई हैं, जिसने एक साथ दो दिशा में चोटी पर तिरंगा फहराया है। वह पैनासॉनिक कंपनी में मैनेजर के पद पर कार्यरत हैं। उनके पिता बलवान सिंह की ऑटो मार्केट में दुकान है जबकि माता बाला देवी गृहिणी हैं।
अमर उजाला ने की थी एक लाख रुपये की आर्थिक मदद
अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स के तहत पर्वतारोही रीना को नवंबर 2021 में अमर उजाला की ओर से एक लाख रुपये की आर्थिक मदद की गई थी। इस दौरान रीना को अमर उजाला कार्यालय में चेक दिया गया था। रीना भट्टी ने बताया कि अमर उजाला ने उनकी उड़ान को पंख लगाने का काम किया है। उन्होंने बताया कि अब उसका सपना वर्ष 2023 में माउंट एवरेस्ट चोटी को फतह करना है। इसके लिए वह अभी से तैयारी शुरू कर देंगी। वहीं अब तक रीना माउंट किलिमंजारों और नन सहित कई चोटियों को फतह कर चुकी हैं। रीना ने जुलाई माह में 70 घंटे में एक साथ माउंट कांग यात्से और माउंट जोजंगो चोटी फतह कर रिकॉर्ड बनाया था।
आंखों में आ गए थे खुशी के आंसू, 9 मिनट पहले चोटी पर पहुंची
रीना ने बताया कि एक पल तो इतनी खुशी हुई थी कि तिरंगा फहराने के बाद आंखों में खुशी के आंसू आ गए थे। रीना का कहना है कि हम चार लड़कियां एक साथ थी, लेकिन मैं 9 मिनट पहले चोटी पर पहुंच गई। बाद में हैदराबाद, मध्यप्रदेश, झारखंड की लड़कियां आईं।
सीएम, डिप्टी सीएम, खेल मंत्री ने दी बधाई
माउंट एल्ब्रुस चोटी को फतह करने पर रीना को हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहरलाल, डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला, खेल मंत्री संदीप सिंह, निकाय मंत्री डॉ. कमल गुप्ता, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने ट्विट कर और सोशल मीडिया पर बधाई दी है। वहीं रीना भट्टी गुरुद्वारा भी पहुंचीं। श्याम परिवार और ऑटो मार्केट की तरफ से भी रीना को आश्वासन मिला है कि उनकी आर्थिक मदद की जाएगी।
मां ने बेटी के लिए बनाई खीर
रीना को मीठा में खीर खाना पसंद है। घर पहुंचने पर मां बाला देवी ने बेटी के लिए खीर बनाई और मुंह मीठा कराया। वहीं रीना को बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। रीना ने बताया कि उन्हें दिल्ली से पिता बलवान सिंह, माता बाला देवी, मौसी मूर्ति देवी, लवकेश भाटिया, पूजा भाटिया लेकर हिसार आए हैं।
पहले लोग सिर्फ देते थे बधाई, अब घर आकर कर रहे सम्मान
रीना का कहना है कि पहले लोग उन्हें सिर्फ बधाई देते थे। मगर आज खुशी की बात है कि वही लोग आज घर आकर सम्मान दे रहे हैं। काफी अच्छा लग रहा है।
हिसार पहुंचने पर रीना भट्टी का विजयी जुलूस निकालते हुए। संवाद- फोटो : Hisar
हिसार पहुंचने पर पर्वतारोही रीना भट्टी का स्वागत करते हुए लोग। संवाद- फोटो : Hisar