जीआरपी कार्यालय की गिरी छत का मलबा।
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हांसी। रेलवे स्टेशन पर जीआरपी चौकी के जर्जर भवन की छत शनिवार रात करीब ढाई बजे गिर गई। छत गिरने से कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई। गनीमत रही कि कोई जानमाल का नुकसान नहीं हुआ।
जीआरपी के जवान हरपाल सिंह और राजेश ने बताया कि वह दोनों रात ढाई बजे चौकी में आराम कर रहे थे। एकदम छत से एक पत्थर नीचे गिरा और जोर से आवाज आई। दोनों कर्मचारियों ने मुंशी के रूम में जाकर अपनी जान बचाई। जीआरपी जवानों ने बताया कि यह बिल्डिंग अंग्रेजों के समय की बनाई हुई थी। चौकी इंचार्ज भूप सिंह ने कहा कि हमने पहले ही उच्च अधिकारियों को बिल्डिंग की जर्जर हालत को लेकर लिखित में अवगत करवा दिया था। हमने उच्च अधिकारियों को सूचित कर दिया था कि बारिश में छत टपक रही है और दीवारों में दरार आ रही है।
शिकायत के बाद भी नहीं हुआ समाधान
चौकी इंचार्ज भूप सिंह ने बताया कि 16 जुलाई को रेलवे भवन निर्माण, हिसार को हमने लिखित में शिकायत दी थी। इसके बाद भी समस्या का समाधान नहीं हुआ। भूप सिंह ने कहा कि सरकारी और निजी संपत्ति को भी नुकसान हुआ है। जिसमें वाटर कूलर, जूतेे, वर्दी आदि सामान भी नष्ट हो गया। मौके पर पहुंचे रेलवे भवन निर्माण हिसार के जेई अमित कुमार ने कहा कि हमें पहले कोई भी लिखित में शिकायत व व्हाट्सएप पर कोई लेटर नहीं मिला। हालांकि भूप सिंह ने व्हाट्सएप नंबर पर भेजे गए पत्र व ऑफिस में भेजे गए पत्र की कॉपी प्रेस को दिखाई। जीआरपी कर्मचारियों ने कहा कि अगर दिन में छत गिर जाती तो बड़ा नुकसान हो सकता था। क्योंकि उस समय हमारे कर्मचारी व लोगों का आवागमन रहता है।