हिसार। मानसून सीजन में शहर में पहली बार लगातार दूसरी दिन बारिश से जहां लोगों को गर्मी से राहत मिली। वहीं प्रशासन के पानी निकासी के दावे फेल होने से शहर की सड़कें डूब गई, जिससे लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। रात तक मुख्य मार्गों व कॉलोनियों में जलभराव नजर आया। ज्यादा जलभराव होने के कारण कई वाहन बंद हो गए और वाहन चालक धक्का लगाते दिखे। इसके अलावा मुख्य चौक-चौराहों पर जाम लग गया।
मूसलाधार बारिश से निचले इलाकों में घरों में भी पानी घुस गया। इस कारण से उन घरों में रहने वाले लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। शहर में जलभराव के हालात देखकर जनस्वास्थ्य विभाग के जल निकासी के सभी प्रबंध फेल होते नजर आए। बता दें कि इससे पहले शनिवार को भी दोपहर बाद हुई बारिश से सारा शहर जलमग्न हो गया था।
इन इलाकों में जलभराव :दिल्ली रोड, राजगढ़ रोड, कैमरी रोड, मिल गेट रोड, बालसमंद रोड, तोशाम रोड सभी मुख्य मार्गों पर बारिश से जलभराव हो गया। वहीं कॉलोनियों की बात करें तो अर्बन एस्टेट टू, मॉडल टाउन, बैंक कॉलोनी, कृष्णा कॉलोनी, पीएलए, पटेल नगर, सेक्टर 15, हाउसिंग बोर्ड, जवाहर नगर, नवदीप कॉलोनी, आजाद नगर, सैनियान मोहल्ला, महावीर कॉलोनी, बड़वाली ढाणी, 12 क्वार्टर एरिया, मिल गेट एरिया, सेक्टर 14, हाउसिंग बोर्ड।
बरसाती लाइन की मरम्मत के काम में बारिश बनी बाधा
उधर, घोड़ा फार्म रोड पर क्षतिग्रस्त हुई बरसाती लाइन की मरम्मत का काम रविवार को भी जारी रहा। हालांकि बारिश के कारण मरम्मत के काम में बाधा आ रही है। जनस्वास्थ्य विभाग के जेई संजय दूहन के मुताबिक अगर बारिश बाधा नहीं डालती है तो यह कार्य दो से तीन दिन में पूरा हो जाएगा।
जरा सी बारिश में ही पानी-पानी हुआ पूरा शहर : श्योराण
हिसार संघर्ष समिति के अध्यक्ष जितेंद्र श्योराण ने कहा कि जरा सी बारिश ने नेताओं के बड़े-बड़े दावों की पोल खोल कर रख दी है। पूरा शहर बारिश के पानी में डूब गया है। हिसार में हवाई जहाज उड़ाने की हवा-हवाई बातें छोड़कर यदि कैबिनेट मंत्री डॉ. कमल गुप्ता जमीनी स्तर पर कुछ काम कर देते तो आज शहर के यह हालात नहीं होते।