फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पुलिस बोली-पत्थर लेकर आए थे प्रदर्शनकारी, भीम आर्मी ने कहा-शरारती तत्वों ने भीड़ का फायदा उठा की पत्थरबाजी

विज्ञापन
हिसार। लघु सचिवालय के गेट पर चढ़कर अंदर आने का प्रयास करते प्रदर्शनकारी। - फोटो : Hisar
विज्ञापन
हिसार। कापड़ो गांव के विक्रम की मौत के मामले में दोपहर एक बजे से ही प्रदर्शनकारियों का पुलिस के साथ तनाव शुरू हो गया था। करीब साढ़े तीन बजे लघु सचिवालय के बाहर दोनों पक्षों के बीच 15 मिनट तक टकराव हुआ। इस दौरान पुलिस की ओर से लाठियां चलीं तो प्रदर्शनकारियों ने पथराव किया।
विज्ञापन

घटना के बाद पुलिस अधीक्षक लोकेंद्र सिंह ने मौके का मुआयना किया। पुलिस का आरोप है कि प्रदर्शनकारी हमले की पूरी तैयारी के साथ योजनाबद्ध तरीके से पत्थर लेकर आए थे। वहीं, भीम आर्मी का कहना है कि असामाजिक तत्वों ने पत्थरबाजी की है, इसकी जांच होनी चाहिए। दोनों पक्षों के लोगों ने अपने मोबाइल में घटना के वीडियो बनाए हैं। भीम आर्मी ने अपने बयान में 20 से 25 लोगों के चोटिल होने की बात कही है।
इससे पहले विक्रम की हत्या के आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर मृतक के परिजन, भीम आर्मी और अन्य जनसंगठन प्रदर्शन करते हुए कपड़ा मार्केट चौक पर पहुंचे। सबसे पहले यहां पर जाम लगाया। बाद में बस स्टैंड के सामने, तलाकी गेट, नागोरी गेट, पारिजात चौक, बीकानेर चौक, रानी लक्ष्मीबाई चौक पर जाम लगाने के बाद आईजी चौक पर पहुंचे। आईजी चौक पर प्रदर्शनकारियों की पुलिस के साथ कहासुनी भी हुई। नागरिक अस्पताल से लघु सचिवालय तक पहुंचने के दौरान प्रदर्शनकारियों ने हर चौक-चौराहे पर पांच से सात मिनट तक जाम लगाया। प्रदर्शन के दौरान दो घंटे तक शहर की आवाम और सेवक सभा अस्पताल के पास दो एंबुलेंस व कई स्कूल बस जाम में फंसी नजर आईं। जब प्रदर्शनकारी लघु सचिवालय पहुंचे तो पुलिस ने मुख्य गेट बंद कर दिए। इस पर गेट से कूद कर अंदर जाने लगे तो दोनों पक्षों के बीच तनाव हो गया। पुलिस ने लाठियां बरसाई तो प्रदर्शनकारियों ने पत्थरों से जवाब दिया। इसमें पुलिसकर्मी और प्रदर्शनकारी घायल हो गए। वहीं, हांसी डीएसपी विनोद शंकर नागरिक अस्पताल पहुंचे और घायल पुलिसकर्मियों का हाल चाल जाना।
विज्ञापन

पुलिस का पक्ष : हल्का बल प्रयोग कर प्रदर्शनकारियों को पीछे धकेला
कापड़ो निवासी विक्रम की मौत को धरनारत प्रदर्शनकारी उपायुक्त से मिलने के लिए लघु सचिवालय पहुंचे थे। प्रदर्शनकारियों ने उपायुक्त को गेट पर बुलाने के लिए कहा। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि उपायुक्त ग्रीवेंस की मीटिंग में व्यस्त हैं। इस पर प्रदर्शनकारियों ने जबरदस्ती छोटे गेट से अंदर आने का प्रयास किया। पुलिस ने रोकने की कोशिश की तो पथराव किया। इस पर पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर उन्हें पीछे धकेला। इस दौरान सिपाही अमीर सिंह, सिपाही हिम्मत सिंह, एसपीओ ओम प्रकाश और होम गार्ड के जवान बंसीलाल को गंभीर जबकि दो को मामूली चोट आई है।
प्रदर्शनकारियों का पक्ष :
भीम आर्मी के प्रवक्ता संतलाल आंबेडकर ने कहा कि विक्रम कापड़ो को न्याय दिलाने के लिए धरना 14 दिन से जारी है। संगठनों ने डीसी ऑफिस का घेराव किया। पुलिस की लापरवाही की वजह से शांतिप्रिय प्रदर्शन में लाठीचार्ज, पत्थरबाजी हुई। भीम आर्मी इसकी निंदा करती है। भीड़ में हिस्सा बनकर के असामाजिक तत्वों ने पत्थरबाजी की। पूरे मामले की जांच होनी चाहिए। हमारे गिरफ्तार किए सभी साथियों को रिहा करना चाहिए। पुलिस व्यवस्था संभालने में नाकाम रही। बसपा के नलवा से प्रत्याशी रहे बजरंग इंदल ने कहा कि प्रदर्शन कर रहे पीड़ित परिवार और अन्य अनुसूचित लोगों पर लाठीचार्ज सरकार के आदेश पर किया गया है।

हिसार। नागरिक अस्पताल में उपचाराधीन पुलिस कर्मी।- फोटो : Hisar

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें