हिसार। विश्वविद्यालय परिसर में करीब सवा तीन घंटे तक रहीं राष्ट्रपति ने फैकल्टी हाउस में राज्यपाल व मुख्यमंत्री के साथ भोजन किया विश्वविद्यालय सूत्रों ने बताया कि राष्ट्रपति ने खाने में रोटी, दाल व सलाद लिया। हालांकि खाने में बाजारा व मोटे अनाज से बने व्यंजन, लस्सी, रायता समेत कई खाद्य पदार्थ, सूप व जूस आदि का भी इंतजाम था।
ए ग्लोरियस जर्नी पुस्तक का किया विमोचन
इंदिरा गांधी ऑडिटोरियम के गेट पर राष्ट्रपति ने विश्वविद्यालय के इतिहास को दर्शाती पुस्तक ए ग्लोरियस जर्नी पुस्तक का भी विमोचन किया। कुलपति डॉ. बीआर कांबोज ने बताया कि इस पुस्तक में एचएयू के स्थापना काल से लेकर अब तक हुए शोध कार्य समेत अन्य विकास यात्राओं का वर्णन है। राष्ट्रपति ने विश्वविद्यालय प्रशासन की इस मेहनत की सराहना करते हुए आगे और भी बेहतर शोध कार्य के लिए प्रेरित किया।
शैक्षणिक शोभा यात्रा के साथ शुरू हुआ समारोह
दीक्षांत समारोह अपने निर्धारित समय 4 बजे प्रारंभ हुआ। आधा घंटे पहले ही सभी लोग अपनी निर्धारित सीट पर पहुंच गए थे। 3.55 बजे कुलपति की अगुवाई में शैक्षणिक शोभा यात्रा प्रारंभ हुई। विश्वविद्यालयों के दीक्षांत समारोह की इस खास परंपरा का निर्वहन करते हुए राष्ट्रपति, राज्यपाल, मुख्यमंत्री व कृषि मंत्री की अगवानी करती यह यात्रा इंदिरा गांधी ऑडिटोरियम के मंच तक पहुंची। यहां से कुलपति सभी खास मेहमान को मंच पर ले गए। जब शोभा यात्रा हॉल में पहुंची तो वहां मौजूद प्रत्येक शख्स ने खड़े होकर उसका स्वागत किया।
स्नातक स्तर के लिए कुलपति, पीजी के लिए कुलाधिपति ने की घोषणा
दीक्षांत समारोह में उपाधि बांटने का कार्य आरंभ करने की घोषणा होने पर कुलसचिव ने सबसे पहले स्नातक के विद्यार्थियों को बुलाया। सभी विद्यार्थी अपनी सीट के सामने खड़े हो गए। इसके बाद कुलपति ने इन्हें उपाधि प्रदान करने की स्वीकृति दी। इसके बाद परा स्नातक व पीजी के लिए यही प्रक्रिया दोहराई गई। इस बार कुलाधिपति राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने उपाधि प्रदान करने की घोषणा की। इसके बाद 6 विद्यार्थियों को एएन फलैचर गोल्ड मेडल देने की घोषणा हुई। इसके बाद अनिल कुमार, गायत्री, ज्योत्सना, प्रियंका, बैलेंटीना व विक्रम सिंह बारी-बारी से मंच पर पहुंचे और राष्ट्रपति के हाथों गोल्ड मेडल प्राप्त किया।
अवसर को यादगार बनाने में जुटे रहे मेधावी
दीक्षांत समारोह का समापन होते ही मेडल व उपाधि पाने विद्यार्थियों का समूह मुख्य मंच से लेकर बाहर खुले कैंपस में देर शाम तक जमा रहा। कार्यक्रम में शामिल होने के लिए मेधावी दोपहर 12 बजे ही निर्धारित परिधान में विश्वविद्यालय पहुंच गए थे। गृह विज्ञान कॉलेज से लेकर कृषि इंजीनियरिंग व मत्सय कॉलेज तक विद्यार्थी अपनी यादें ताजा कर रहे थे। जो छात्र-छात्रा पिछले वर्ष तक यहां के हॉस्टल में रहे थे, वे अब उस कमरे तक गए, जिसमें उन्होेंने अपना बेहतरीन वक्त गुजारा।
केवल कार्ड वालों को ही मिली एंट्री
कार्यक्रम स्थल पर केवल उन्हें ही प्रवेश दिया गया, जिनके पास वैध प्रवेश पास थे। गेट नंबर चार पर ही चेकिंग के बाद अंदर प्रवेश दिया गया। कार्यक्रम स्थल से काफी पहले ही अलग-अलग पार्किंग का इंतजाम था। मुख्य कार्यक्रम स्थल पर महिला व पुरुषों के लिए अलग-अलग लाइन लगाकर जांच के बाद ही प्रवेश दिया गया। गेट पर ही सभी को मास्क भी उपलब्ध कराया गया।