हिसार। गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय में हुई बायो टेक्नोलॉजी व माइक्रोबायोलॉजी में सहायक पदों के लिए हुई लिखित परीक्षा में 30 प्रश्न कॉमन आने पर भर्ती में धांधली के आरोपों का मामला दिल्ली में संसद भवन के बाहर तक पहुंच गया है। एनएसयूआई ने सोमवार को दिल्ली में प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने हिसार के जीजेयू में भर्तियों में हो रहे गोलमाल को लेकर सवाल उठाए। अब कुलपति कार्यालय घेराव और धरने की तैयारी है।
शिकायतकर्ता सिसाय बोलान वासी अंकित सिहाग ने मुख्यमंत्री, राज्यपाल, एसीएस हायर एजुकेशन और एसीएस फाइनेंस को शिकायत भेजी है। जिसमें अंकित ने सहायक पदों की भर्ती में भ्रष्टाचार के आरोप लगाकर भर्ती रोकने के लिए मांग की। उन्होंने जीजेयू में हुई सभी भर्तियों की जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराने की मांग की। जांच पूरी होने तक भर्ती का परिणाम भी रोका जाए।
अंकित ने बताया कि बायो एंड नैनो टेक्नोलॉजी में 4 पदों व माइक्रोबायोलॉजी में दो सहायक पदों पर भर्ती के आवेदन मांगे थे। दोनों की परीक्षा 1 जून को हुई थी। दोनों परीक्षाओं के बीच 2 घंटे का अंतर था। दोनों परीक्षाओं के बीच 30 ऐसे प्रश्न आए हुए थे जो कॉमन थे और कई अभ्यर्थियों ने दोनों पेपर दिए थे। वहीं अभ्यार्थियों को पेपर साथ भी नहीं लाने दिए जा रहे थे। वहीं अंकित ने आरोप लगाया कि भर्तियों में यूजीसी की गाइडलाइन को फोलो नहीं किया जा रहा है।
हमारे पास ऐसे 2-3 अभ्यर्थी हैं, जिन्होंने दोनों पेपर दिए थे। विवि में हो रही भर्ती की जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी से जांच करवाई जाएं। सोमवार को हमने दिल्ली में नीट की परीक्षा में हो रही धांधली, नेट की परीक्षा रदद् करने को लेकर संसद का घेराव किया था। इस दौरान जीजेयू में हो रही भर्तियों में गडबड़ी का मामला भी उठाया था। मामले को लेकर आगे की रणनीति तैयार की जा रही। जल्द ही वीसी ऑफिस का घेराव किया जाएगा।
-नवदीप दलाल, छात्र, एनएसयूआई।
बायो टेक्नोलॉजी में व माइक्रोबायोलॉजी दोनों विषय एक दूसरे से संबंधित हैं। इसलिए हो सकता है परीक्षा के दौरान कुछ सवाल मिलते-जुलते आ गए हों, लेकिन पेपर एक जैसा नहीं था। इसके अलावा विवि में सारी भर्तियां यूजीसी की गाइड लाइन के अनुसार ही की जा रही है।
- प्रो. विनोद छोकर, कुलसचिव जीजेयू।