बरवाला/हिसार। बरवाला खंड के गांव जेवरा में सरपंच पद के लिए तय समय के बाद नामांकन स्वीकार किए जाने के मामले में पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने जिला प्रशासन से रिपोर्ट मांगी है। जिला प्रशासन की रिपोर्ट के बाद अदालत अपना फैसला देगी। हाईकोर्ट में अगली सुनवाई 21 नवंबर को हैद्घ
गांव जेवरा निवासी शीला देवी ने पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में हाईकोर्ट की जस्टिस रीतू बहरा व मनीषा की डबल बैंच में याचिका दायर की। शीला देवी ने कहा कि पंचायत चुनाव के लिए गांव के राजकीय स्कूल में नामांकन लिए गए थे। इसमें नामांकन की आखिरी तारीख 11 नवंबर शाम तीन बजे थे। तय समय में 7 लोगों ने सरपंच पद के लिए आवेदन किया था। जिसकी प्रति हमारे पास है। उस समय की वीडियोग्राफी हमने की, जिसमें 7 नामांकन दिखाए गए। इसके बाद सहायक निर्वाचन अधिकारी ने गांव के सरपंच पद के 8 नामांकन बीडीपीओ कार्यालय में जमा करा दिए। एक नामांकन तय समय के बाद अवैध तरीके से स्वीकार किया गया। गांव के निर्वतमान सरपंच की पत्नी ऊषा ने तय समय में नामांकन नहीं भरा था। उन्होंने तय समय के बाद नामांकन जाम किया है। इस संबंध में हमने 12 नवंबर को एसडीएम बरवाला अश्वीर नैन को शिकायत दी थी। इस बारे में वीडियो साक्ष्य भी अधिकारियों को दिखाए थे। जहां हमें न्याय नहीं मिला। इसके बाद 14 नवंबर को कोर्ट में देकर जांच कराने की मांग की थी।
शीला देवी ने 16 नवंबर को पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। जहां सरकार की ओर से पेश एएजी ने कहा कि शिकायतकर्ता 17 नवंबर को डीसी के सामने पेश हो जाएं हम जांच करा देंगे। शिकायतकर्ता डीसी कार्यालय में हाजिर हुए। इस मामले में डीसी ने एडीसी नीरज को जांच अधिकारी नियुक्त किया। एडीसी नीरज ने शुक्रवार को शिकायकर्ता शीला, आरोपी ऊषा, सहायक चुनाव अधिकारी अशोक कुमार का पक्ष सुना। जिला प्रशासन सोमवार को उच्च न्यायालय को अपनी रिपोर्ट सौंपेंगा। इस रिपोर्ट के बाद पर उच्च न्यायालय फैसला सुनाएगा।
तीन बजे से पहले आ गया था आवेदन
सहायक निर्वाचन अधिकारी अशोक कुमार ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि आवेदन तीन बजे से पहले आ गया था। उसमें कुछ खामियां थी जिन्हें दूर करने के लिए कहा गया गया था। नामांकन प्रक्रिया में नियमों की उल्लंघना नहीं की गई।
सामान्य वर्ग की महिला बनेगी सरपंच
गांव जेवरा में करीब 3400 मतदाता हैं। इस बार गांव में सरपंच का पद सामान्य वर्ग की महिला के लिए आरक्षित है। ऊषा देवी के विवादास्पद नामांकन से पहले 7 आवेदन मिले हैं। जिसमें शिवानी, एकता, गीता, पूनम, दर्शना देवी, शीला, कमलेश रानी प्रत्याशी हैं।