हिसार। लघु सचिवालय के बाहर बिटिया की तलाश के लिए बीते 12 दिन से धरने पर बैठी मां रागनी की शनिवार को तबीयत बिगड़ गई। कड़ाके की ठंड में दिनरात खुले आसमां के नीचे धरनारत यह परिवार करीब तीन माह से अपनी लापता बेटी को तलाशने की गुहार लगा रहा है। धरने पर बैठे सुनील सोनी ने जनसंगठनों के कहने पर आमरण अनशन खत्म कर दिया, पर धरना जारी रहेगा। सुनील सोनी ने कहा, वे सोमवार को जनसंगठनों से जुड़े लोगों के साथ बैठकर कर आगामी रणनीति बनाएंगे। वहीं बुधवार को जन संगठनों ने प्रदर्शन कर पुलिस प्रशासन को तीन दिन का समय दिया था, बावजूद इसके लापता हर्षिता का कोई सुराग हाथ नहीं लगा है। उन्होंने बताया कि सर्दी के कारण पहले बड़ा बेटा दीपक बीमार हुआ था, वहीं शनिवार को पत्नी की तबीयत बिगड़ गई। उनका कहना है कि पुलिस प्रशासन की तरफ से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। पुलिस की जांच वहीं पर है जहां शुरू में थी। उन्होंने बताया कि जब तक हर्षिता नहीं मिल जाती धरना जारी रहेगा।